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सरयू राय ने लिखी ED को लिखी दूसरी चिट्ठी रवि केजरीवाल से जुड़ी 32 शेल कंपनियों की भी करे जांच

झारखण्ड की राजनीति में भ्रष्टाचार का खुलासा हो और झारखण्ड के चाणक्य कहे जाने वाले विधायक सरयू राय कहाँ पीछे रहने वाले है। सरयू राय ने  ED के डिप्टी डायरेक्टर को एक और चिट्ठी लिखी है. उन्होंने रवि केजरीवाल से जुड़ी 32 शेल कंपनियों को भी जांच के दायरे में लाने की सलाह दी है. सरयू ने लिखा है कि 13 जुलाई 2013 को हेमंत सोरेन पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. तब उन्होंने उनके प्रमुख सहयोगी रवि केजरीवाल, उनके संबंधियों एवं निकटवर्तियों से जुड़ी 32 शेल (मुखौटा) कंपनियों की सूची जारी की थी. रवि केजरीवाल इनमें से 4 कंपनियों में, अमित कुमार अग्रवाल 6 कंपनियों में और राधाकृष्ण अग्रवाल 8 कंपनियों में निदेशक थे. शेष में हेमंत अग्रवाल 3 कंपनियों में, दशरथ अग्रवाल 2 कंपनियों में और अन्य एक-एक कंपनी में निदेशक थे. ये सभी कारोबारी परस्पर संबंधित थे.

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अवैध खनन (illegal mining) रोकने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बैठक ।

 

सरयू ने कहा कि यदि अभी हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत मुखौटा कंपनियों की सूची में ये कंपनियां भी शामिल हैं, तो इन सभी के परस्पर संबंधों की जांच प्रवर्तन निदेशालय को करनी चाहिए. उन्होंने 2013 को जारी की गई उन कंपनियों की सूची भी ED को भेजी है. सरयू राय ने लिखा है कि 2013 से पूर्व और अबतक इन कंपनियों में हुए निवेशों एवं लेन-देन की जांच करने पर बड़ा खुलासा होने से इनकार नहीं किया जा सकता. ये कंपनियां ब्लैक मनी को ह्वाइट करने का एक नायाब औजार थी. कोलकाता के महात्मा गांधी रोड और गणेश चंद्र एवेन्यू इन शेल कंपनियों का ठिकाना था. आज भी इन दोनों ठिकानों पर छोटे-छोटे पीओ बॉक्स नजर आ जाएंगे. इन्ही पीओ बॉक्स के नंबर के आधार पर फर्जी कंपनियां बनायी जाती थीं. सभी कंपनियों का पता होता था- पिन कोड नंबर 700001 से लेकर 700091. कहा जाए तो ये डब्बा ही कंपनी होती थी. जिसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का काम होता था. इस काम में रवि केजरीवाल को महारत हासिल थी.

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