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कांग्रेस झुकेगा नहीं आलाकामन से शख्त निर्देश ! राज्यसभा को लेकर JMMऔर कांग्रेस में दूरिया बढ़ी !

रिक्की राज 

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झारखण्ड में राज्यसभा चुनाव ने ने एक बार फिर UPA  बिखरी बिखरी नजर आ रही है । हेमंत सोरेन ने जैसे ही JMM  की और से  महुआ मांझी का नाम लिया पत्रकारों  को भी जोर का झटका धीरे से लगा । हर कोई ये मान  कर चल रहा था की सोनिया गाँधी से मुलाकात के बाद हेमंत सोरेन का रुख बदलेगा और वे UPA  की    ओर  से एक केंडिडेट का प्रस्ताव पर हामी भर देंगे । हुआ भी यही  दिल्ली में सोनिया से मुलाकात के बाद हेमंत काफी नरम दिखे और मीडिया रिपोर्ट में ये खबर वॉयरल होने लेगी की झारखण्ड में कांग्रेस का कोई केंडिडेट UPA  की  और से नॉमिनेशन करेगा । कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने तो यह ट्वीट भी कर दिया की कांग्रेस आ रही है , पत्रकार और राजनीति के क्षेत्र के लोग इसके अपने अपने सियासी मायने निकालने लगे . लेकिन  हेमंत जैसे ही   रांची आये  सब कुछ बदल गया उन्होंने पत्रकार वार्ता में साफ़ कहा की राज्यसभा में JMM  का ही प्रत्याशी होगा और वो महुआ मांझी होगी । जिसके बाद से रांची से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस में खलबली मच गयी । हर और यह चर्चा होने लगी की एक क्षेत्रीय पार्टी ने आखिर इतनी पुरानी कांग्रेस पार्टी को कैसे सियासी पटकनी दे दी , जबकि झारखण्ड में सरकार कांग्रेस पार्टी के समर्थन के बदौलत चल रही है इसके बावजूद JMM  ने  प्रत्याशी का नाम जाहिर करने से पहले कांग्रेस से बात तक नहीं की ।

हलाकि बताया जा रहा है की इस सब का ठीकरा  कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर पर फूटने वाला है पार्टी के नेता आरोप लगा रहे है की आखिर जब रांची में JMM   ने  यह दावा कर दिया था की वो प्रत्याशी  उतारेगी तो आखिर फिर हेमंत सोरेन को  इस विषय पर सोनिया गाँधी से क्यों मिलवाया गया , यह कैसी राजनीति है जिसमे अपने ही आलाकमान की भद्द पिटवायी गयी ।

वैसे खबर ये भी है की कांग्रेस आलाकामन से  शख्त हिदायत है की इस घटना के बाद कांग्रेस के प्रदेश  प्रभारी अविनाश पांडेय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दो टुक बात करनी है और  कांग्रेस का अपना पक्ष रख देना है अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस पर राजी हो जाते है तब तो ठीक है नहीं तो कांग्रेस कोई कड़ा फैसला ले सकती है । इससे पहले अविनाश पांडेय सभी विधायकों और पदाधिकारियों से एक एक कर मिल रहे है और उनसे उनकी  राय ले रहे है ।

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