ITI का सुझाव:न्यू रायपुर सिटी के तर्ज पर ग्रेटर धनबाद विकसित किया जाए
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Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रेरणा चौरसिया
Drishti Now Ranchi
कैसा होगा भविष्य का धनबाद…? निगम की पहल पर आईएसएम आईआईटी ने भविष्य के धनबाद की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली है। आईआईटी के डिप्टी डायरेक्टर धीरज कुमार का कहना है कि मास्टर प्लान 2035 को ध्यान में रखकर तैयार किया है। निगम क्षेत्र वर्तमान में 355 वर्ग किमी में है।
2035 के लिहाज से निगम क्षेत्र की चौहद्दी में 10-10 किमी का विस्तार किया गया है। वहीं, निगम क्षेत्र की आबादी 13 लाख मानकर प्लान किया गया है। इस आबादी के लिए न्यू रायपुर सिटी की तर्ज पर ग्रेटर धनबाद विकसित करने का सुझाव दिया है।
प्लान में निगम क्षेत्र को 5 जोन में बांट कर हर जोन के लिए खासियत तय की गई है। धनबाद, झरिया, कतरास, सिंदरी व छाताटांड़ में बंटे जोन में 10 से 12 वार्ड होंगे। भू-स्थानिक डेटा के से यह जान सकेंगे कि जोन या वार्ड में कहां क्या है। कितनी भूमि कृषि, इंडस्ट्री व आवासीय लायक है। आईआईटी आईएसएम धनबाद के मास्टर प्लान का सेकेंड फेज भी तैयार करेगा।
2035 में स्कूल, हॉस्पिटल, फायर स्टेशनों की संख्या कितनी और कहां बढ़ानी है, इस पर सुझाव दिया जाएगा। असल में बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों में धनबाद व पुराने रायपुर में एकरूपता है। पेयजल, ड्रेनेज, पर्यावरण कई बिंदुओं में भी दोनों शहर एक जैसे दिक्कतों से दो-चार हैं। धनबाद के मास्टर प्लान के लिए न्यू रायपुर सबसे मुफीद है।
माइनिंग क्षेत्र का विकास व जल प्रबंधन का प्लान
निगम क्षेत्र में भी खनन एरिया है। सबसिडेंस मॉनिटरिंग के माध्यम से यह बताया जाएगा कि किस जोन व वार्ड में कहां पर खनन क्षेत्र है, वह किस स्थिति में है, वहां निर्माण कार्य किया जा सकता है या नहीं। पूर्ण भौगोलिक जानकारी देने की बात कही गई है। मास्टर प्लान में ग्राउंड वाटर रिचार्ज प्रणाली के लिए वाटर स्टॉक, शहर में दो सीवरेज प्लांट और दामोदर नदी पर पर चेकडैम बनाने का सुझाव दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या है योजना…
धनबाद में प्रदूषण अधिक है। इसे देखते हुए आईआईटी-आईएसएम ने मास्टर प्लान में धांगी पहाड़ को पर्यावरण के लिए जरूरी बताया है। शहर में स्थित इस पहाड़ को मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया गया है। कहा गया है कि इसे संरक्षित करने के साथ-साथ विकसित भी किया जाना चाहिए। इससे पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।
कैसी होगी सड़क व ट्रैफिक की व्यवस्था
मास्टर प्लान में छोटी व बड़ी गाड़ियों के लिए अलग-अलग यातायात व्यवस्था की बात कही है। कॉलोनियों की सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ कर उन पर छोटे वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है। वहीं, गोविंदपुर से धनसार चौक तक को जाम मुक्त रखने के लिए ओवरब्रिज व लिंक रोड तैयार करने की योजना है।
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