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हेमंत सोरेन का झारखंड पर्यटन पर फोकस : गर्मी में ठंडक का एहसास करने वाली जगह की जानकारी देते हुए किया टूरिज्म डिपार्मेंट के पोस्ट को रिपोस्ट

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने टूरिज्म को काफी बढ़ावा दिया है यही वजह है कि इस चिलचिलाती धूप और भयंकर गर्मी से अगर आप परेशान हैं तो झारखंड में ही ऐसी कई जगह है जहां आपको ठंड का एहसास होगा और आप इस भयंकर गर्मी से निजात पाते हुए मौज मस्ती कर सकेंगे।  खुद हेमंत सोरेन ने भी झारखंड पर्यटन विभाग के पोस्ट को रीपोस्ट कर इसकी जानकारी दी है । इस पोस्ट में जिन जगहों का जिक्र है हम आज आपको उन टूरिस्ट स्पॉट की जानकारी विस्तार से बताते हैं कि उन जगहों पर कैसे आपको जाना है
1. नेतरहाट
क्यों जाएं: “छोटानागपुर की रानी” के नाम से मशहूर, नेतरहाट गर्मी में ठंडी हवा और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 1127 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, ये हिल स्टेशन रांची से 150 किमी दूर है।
क्या देखें:
मगनोलिया पॉइंट: सूर्यास्त का शानदार नज़ारा।
अपर घाघरी फॉल्स: छोटा लेकिन खूबसूरत झरना, पिकनिक के लिए अच्छा।
लोध फॉल्स: नेतरहाट से 60 किमी दूर, ट्रेकिंग और नेचर लवर्स के लिए।
कैसे पहुंचें: रांची से बस या टैक्सी (4-5 घंटे)। सड़कें अच्छी हैं, लेकिन घुमावदार।
ठहरने की जगह: सरकारी गेस्टहाउस (झारखंड टूरिज्म), प्राइवेट होटल्स, या लोकल लॉज। बुकिंग पहले करें।
खाने-पीने की सुविधा: लोकल ढाबों में लिट्टी-चोखा, चावल-दाल और चिकन करी मिलती है।
2. सारंडा जंगल
क्यों जाएं: एशिया का सबसे घना साल जंगल, सरांडा गर्मी में ठंडी छांव और वन्यजीवों के लिए मशहूर है। ये चाईबासा जिले में है और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है।
क्या देखें:
किरिबुरु और मेघाहातुबुरु: पहाड़ी चोटियां जहां से जंगल का मनोरम दृश्य दिखता है।
जंगल सफारी: टाइगर, तेंदुआ, हाथी और पक्षियों को देखने का मौका (गाइड जरूरी)।
सारंडा की नदियां: कोइना और कारो नदी के किनारे सुकून भरे पल।
कैसे पहुंचें: रांची से चाईबासा (150 किमी) और फिर किरिबुरु (50 किमी)। ट्रेन से चाईबासा तक और फिर टैक्सी। सड़कें ज्यादातर अच्छी हैं।
ठहरने की जगह: किरिबुरु में सरकारी गेस्टहाउस और कुछ प्राइवेट लॉज।
खाने-पीने की सुविधा: लोकल ढाबों में सादा खाना (रोटी, चावल, सब्जी)। अपने साथ स्नैक्स और पानी रखें।
3. दशम फॉल्स
क्यों जाएं: रांची से 40 किमी दूर, 144 फीट ऊंचा ये झरना गर्मी में ठंडक और पिकनिक के लिए शानदार है।
क्या देखें:
झरने का मुख्य हिस्सा और आसपास का जंगल।
पास की चट्टानें, जहां से फोटोग्राफी के लिए अच्छा व्यू मिलता है।
कैसे पहुंचें: रांची से टैक्सी या अपनी गाड़ी (1 घंटा)। बसें भी उपलब्ध हैं।
ठहरने की जगह: दिन की यात्रा के लिए आदर्श। रात रुकना हो तो रांची में होटल्स।
खाने-पीने की सुविधा: पास में छोटे ढाबे और चाय-नाश्ते की दुकानें। भुट्टा और मूंगफली लोकप्रिय।
4. हुंडरू फॉल्स
क्यों जाएं: स्वर्णरेखा नदी पर बना 320 फीट ऊंचा झरना, रांची से 45 किमी दूर। ट्रेकिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन।
क्या देखें:
झरने का विशाल दृश्य और नीचे का प्राकृतिक पूल (तैरने से बचें, खतरनाक हो सकता है)।
आसपास का जंगल और ट्रेकिंग ट्रेल्स।
कैसे पहुंचें: रांची से टैक्सी या बस (1.5 घंटे)। सड़कें ठीक हैं।
ठहरने की जगह: दिन की सैर के लिए अच्छा। रांची में रुकें।
खाने-पीने की सुविधा: छोटी दुकानें जहां चाय, बिस्किट और भुट्टा मिलता है। खाना साथ लाएं।
5. बेतला नेशनल पार्क
क्यों जाएं: गर्मी में जंगल सफारी और वन्यजीवों के लिए शानदार। पलामू जिले में, रांची से 170 किमी दूर।
क्या देखें:
टाइगर, तेंदुआ, हाथी, सांभर और पक्षी।
बेतला किला और पलामू किला के ऐतिहासिक अवशेष।
जंगल सफारी (जीप या गाइड के साथ)।
कैसे पहुंचें: रांची से बस या टैक्सी (4-5 घंटे)। डाल्टनगंज से 25 किमी।
ठहरने की जगह: वन विभाग के गेस्टहाउस और प्राइवेट लॉज। बुकिंग पहले करें।
खाने-पीने की सुविधा: गेस्टहाउस में सादा खाना। पास के ढाबों में लोकल व्यंजन।
अगर आपको इन जगहों की ज्यादा जानकारी चाहिए तो सरकार ने अपनी एक वेबसाइट बना रखी है जिस पर सारी जानकारियां उपलब्ध है

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टूरिज्म की वेबसाइट (https://tourism.jharkhand.gov.in/)

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