ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ, कैसे हुआ, विंग कमांडर व्योमिका-कर्नल सोफिया ने बताई पूरी कहानी

ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ, कैसे हुआ, विंग कमांडर व्योमिका-कर्नल सोफिया ने बताई पूरी कहानी

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कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में प्रेस ब्रीफिंग में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें मजबूत खुफिया जानकारी के आधार पर चुना गया था। कुरैशी ने कहा कि इन लक्ष्यों का चयन आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए किया गया, ताकि पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय मिले। व्योमिका सिंह ने कहा कि इन ठिकानों को चुनते समय नागरिकों की सुरक्षा और जानमाल का विशेष ध्यान रखा गया। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।

ऑपरेशन सिंदूर का नाम पहलगाम हमले में मारे गए लोगों, विशेष रूप से उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया, जिन्होंने अपने पतियों को खोया। यह आतंकी ठिकानों को नष्ट करने और भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रचने वालों को जवाबदेह ठहराने के लिए था। भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से 1:28 बजे से 1:51 बजे तक 23 मिनट में नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें लाहौर, बहावलपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली और सियालकोट जैसे क्षेत्र शामिल थे, जहां लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने थे। सूत्रों के अनुसार इस हमले में 70 से अधिक आतंकी मारे गए।

कर्नल सोफिया कुरैशी (थल सेना) और विंग कमांडर व्योमिका सिंह (वायु सेना) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन की रणनीति और सफलता को रेखांकित किया, जिसे भारतीय सेना की नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा गया। वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह एक केंद्रित और गैर-उत्तेजक ऑपरेशन था, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात भर ऑपरेशन की निगरानी की, और एनएसए अजीत डोभाल ने इसे अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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