समस्तीपुर कोर्ट परिसर से 5 कैदी पुलिस की हिरासत से फरार, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

समस्तीपुर कोर्ट परिसर से 5 कैदी पुलिस की हिरासत से फरार, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

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बिहार के समस्तीपुर जिले में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब कोर्ट परिसर से पांच कैदी पुलिस की हिरासत से फरार हो गए। इनमें से एक कैदी को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, लेकिन चार कुख्यात अपराधी भागने में कामयाब रहे। इस घटना ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

जानकारी के मुताबिक, मंडल कारा से पेशी के लिए समस्तीपुर कोर्ट लाए गए पांच कैदियों ने कोर्ट हाजत का गेट खुलते ही सिपाही को धक्का देकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक कैदी, नागेंद्र कुमार महतो, को दबोच लिया, लेकिन बाकी चार कैदी पुलिस की पकड़ से निकल गए। फरार कैदियों की पहचान राजनंदन उर्फ छोटू उर्फ हंटर, अरविंद सहनी, मनीष कुमार और मंजीत कुमार के रूप में हुई है।

फरार कैदियों में राजनंदन उर्फ छोटू उर्फ हंटर शामिल है, जो नगर थाना क्षेत्र में पिछले साल हुए बहुचर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का आरोपी है। उसे चार महीने पहले विशेष कार्य बल (STF) ने गिरफ्तार किया था। अन्य तीन कैदी, अरविंद सहनी, मनीष कुमार और मंजीत कुमार, सरायरंजन थाना क्षेत्र में लूट समेत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी हैं।

घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश में जिले की सीमाओं को सील कर दिया और सघन छापेमारी शुरू कर दी। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अशोक मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया है। सदर डीएसपी संजय पांडेय ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और कहा कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। वैशाली और मुजफ्फरपुर पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है। घटना के बाद कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने शहर में नाकाबंदी कर दी है और फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

इस घटना ने कोर्ट परिसर जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही कैदी इतने साहस के साथ भागने में कामयाब हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठा रही है।

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