11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: सिमडेगा में हर्षोल्लास के साथ योग कार्यक्रम, स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सिमडेगा में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयुष विभाग द्वारा नगर भवन (टाउन हॉल) में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि श्रीराम पूरी, पत्रकार संघ के अध्यक्ष आशीष शास्त्री, समाजसेवी और विभिन्न पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पतंजलि योग पीठ के प्रशिक्षक देवेंद्र सोनी ने प्रतिभागियों को ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, वक्रासन, भुजंगासन, सलभासन, उत्तानपादासन, सेतुबंधासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन और प्राणायाम जैसे भस्त्रिका, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और शीतली प्राणायाम कराए। उन्होंने इन आसनों और प्राणायाम के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी।
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने कहा, “योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। नियमित योग अभ्यास से कई बीमारियों से बचा जा सकता है और गंभीर रोगों से भी मुक्ति पाई जा सकती है। यह एकाग्रता बढ़ाता है, मन को शांत करता है और सकारात्मक विचारों को प्रेरित करता है।” पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी ने सभी से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
हालांकि, आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योग प्रशिक्षक जवाहर चौधरी, राजनीतिक दलों के नेताओं और कुछ पत्रकारों को आमंत्रण न मिलने की चर्चा रही। जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. सुभद्रा कुमारी ने स्पष्ट किया कि जिले के पदाधिकारियों को आमंत्रण दिया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण अन्य लोगों को निमंत्रण नहीं भेजा गया।
कोर्ट परिसर में योग शिविर: स्वास्थ्य के साथ कानूनी जागरूकता पर जोर
दूसरी ओर, योग दिवस के अवसर पर कोर्ट परिसर में प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने योग किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मरियम हेमरोम ने बताया, “योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि यह जीवन के सभी पहलुओं में संतुलन स्थापित करने का एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है। योग का अर्थ है शरीर और आत्मा का मिलन।” उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और साथ ही कानूनी जागरूकता फैलाना था। यह स्वास्थ्य और न्याय दोनों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। मरियम ने जोर देकर कहा कि नागरिकों का कानूनी सशक्तिकरण उतना ही आवश्यक है, जितना उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य।
कार्यक्रम में सीजेएम निताशा बारला, एसडीजेएम सुमी बीना होरो, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष बाड़ा, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सहित कई न्यायिक पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
सिमडेगा में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का अवसर बना, बल्कि सामाजिक और कानूनी जागरूकता को भी प्रोत्साहित किया। योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और इसके नियमित अभ्यास से स्वस्थ समाज की नींव रखी जा रही है।

















