नगड़ी में रिम्स-2 के लिए जमीन अधिग्रहण अनुचित, रद्द करें योजना: बंधु तिर्की

नगड़ी में रिम्स-2 के लिए जमीन अधिग्रहण अनुचित, रद्द करें योजना: बंधु तिर्की

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झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने नगड़ी मौजा में रिम्स-2 निर्माण के लिए खेतीयोग्य खतियानी जमीन के अधिग्रहण को अनुचित और विकास विरोधी करार दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस योजना को तत्काल रद्द करने और पेसा नियमावली को लागू करने की अपील की।

मुख्यमंत्री आवास में हुई मुलाकात के दौरान तिर्की ने कहा कि नगड़ी में खेती पर निर्भर रैयतों की जमीन का अधिग्रहण उनके जीवन-यापन के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि नगड़ी में खेती योग्य जमीन पहले ही सीमित है और अधिकांश ग्रामीण कृषि पर आश्रित हैं। तिर्की ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता शिबू सोरेन इस क्षेत्र की स्थिति से भली-भांति परिचित हैं।

तिर्की ने बताया कि 17 मई को सरकारी अमीन द्वारा जमीन मापी की खबर से ग्रामीणों को अधिग्रहण की जानकारी मिली, जबकि 1956-57 से 2012 तक इस जमीन की मालगुजारी रसीद रैयतों के नाम पर जारी होती रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी आईआईएम, ट्रिपल आईटी और राष्ट्रीय उच्च पथ के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रयास हुए, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वे योजनाएं रद्द हुईं। रिम्स-2 के लिए मौजूदा अधिग्रहण की कोशिश को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता के खिलाफ बताया।

पेसा कानून लागू करने की मांग

तिर्की ने पेसा नियमावली को अंतिम रूप देकर कानून लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जल, जंगल, जमीन और झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। पेसा कानून से विस्थापन, पलायन और जमीन लूट पर नियंत्रण संभव होगा।

टाना भगत समुदाय के लिए प्रभावी कदम की अपील

तिर्की ने टाना भगत समुदाय की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि टाना भगत, जो महात्मा गांधी के अनुयायी और अहिंसा में विश्वास रखते हैं, ने सत्याग्रह और जमींदारी प्रथा के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन किया। इसके बावजूद, रांची, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में इस समुदाय का अपेक्षित विकास नहीं हुआ।

टाना भगत विकास प्राधिकार को प्रभावी बनाने की मांग

तिर्की ने 28 अप्रैल 2017 को गठित टाना भगत विकास प्राधिकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्राधिकार अपने उद्देश्यों में असफल रहा है। प्राधिकार के तहत कार्यकारिणी समिति और जिला स्तर पर कार्यकारी एजेंसी गठन का प्रावधान था, जिसका उद्देश्य टाना भगतों के आर्थिक-सामाजिक सर्वेक्षण और योजनाओं का जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन था। तिर्की ने मुख्यमंत्री से प्राधिकार को प्रभावी बनाने और टाना भगतों के विकास के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की अपील की।

इंडिया गठबंधन सरकार के कार्यों की सराहना

तिर्की ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली इंडिया गठबंधन सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि इस सरकार ने आम लोगों के हित में कई कदम उठाए हैं, जिनसे तत्काल लाभ के साथ-साथ झारखंड के दीर्घकालिक विकास के रास्ते खुले हैं।

बंधु तिर्की ने नगड़ी में रिम्स-2 के लिए जमीन अधिग्रहण को रद्द करने, पेसा कानून लागू करने और टाना भगत समुदाय के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग को दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करेंगे और उनके हित में फैसला लेंगे।

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