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हजारीबाग में ACB की बड़ी कार्रवाई: चिकित्सा प्रभारी डॉ. सतीश कुमार 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

हजारीबाग में ACB की बड़ी कार्रवाई: चिकित्सा प्रभारी डॉ. सतीश कुमार 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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*हजारीबाग, 1 जुलाई : झारखंड के हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई ने सुर्खियां बटोरी हैं। चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सतीश कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार को उस समय हुई जब डॉ. सतीश ममता वाहन के बिल पास करने के एवज में रिश्वत ले रहे थे। इस घटना ने स्थानीय चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा दिया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की मांग को और बल दिया है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ममता वाहन के मालिक उज्ज्वल कुमार सिन्हा ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉ. सतीश कुमार उनके वाहन के बिल को पास करने के लिए 4,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। परेशान होकर सिन्हा ने इसकी शिकायत ACB को की। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, ACB ने एक जाल बिछाया और डॉ. सतीश को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा। इस कार्रवाई में ACB की टीम ने पूरी सतर्कता बरती और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

पहले भी विवादों में रहे हैं डॉ. सतीश
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. सतीश कुमार पर पहले भी रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। बताया जाता है कि वह ममता वाहन चालकों से बिल पास करने के लिए 4,000 से 15,000 रुपये तक की रिश्वत मांगते थे। इसके अलावा, छोटे नर्सिंग होम और दुकानों पर छापेमारी कर उनसे अवैध वसूली करने के भी आरोप हैं। इस तरह की गतिविधियों ने स्थानीय लोगों में उनके खिलाफ गहरा असंतोष पैदा किया था, जिसके चलते सतीश ACB की रडार पर आ गए।

ACB की कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद ACB ने डॉ. सतीश कुमार को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। ACB यह जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में और भी लोग शामिल हैं या यह एक बड़े भ्रष्टाचार रैकेट का हिस्सा है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, और ACB इस मामले में और सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद चौपारण और हजारीबाग के स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल गर्म है। कई लोगों ने ACB की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह बहुत जरूरी था। स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ACB को और सख्ती से ऐसे लोगों पर नकेल कसनी चाहिए।”

चिकित्सा विभाग में हड़कंप
डॉ. सतीश की गिरफ्तारी ने हजारीबाग के चिकित्सा विभाग में खलबली मचा दी है। यह घटना उस समय हुई है जब देश भर में 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जा रहा था, जिसके चलते इस खबर ने और भी ध्यान खींचा है। कई लोग इस विडंबना पर चर्चा कर रहे हैं कि जिस दिन चिकित्सकों का सम्मान किया जा रहा है, उसी दिन एक चिकित्सा प्रभारी भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
झारखंड सरकार और ACB ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है। इस कार्रवाई को इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। ACB के अधिकारियों ने कहा, “हम भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करेंगे। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।”

क्या है ममता वाहन योजना?
ममता वाहन योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन सुविधा प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। लेकिन इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले योजना की साख पर सवाल उठाते हैं।

 

 

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