झारखंड में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल: बाबूलाल मरांडी ने साधा सरकार पर निशाना, स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल

झारखंड में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल: बाबूलाल मरांडी ने साधा सरकार पर निशाना, स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में चल रही 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि समय पर वेतन भुगतान न होने के कारण एम्बुलेंस कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे पूरे राज्य में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान पर तंज कसते हुए कहा, जिसमें उन्होंने मरीजों को खाट पर अस्पताल ले जाने को सामान्य बताया था। मरांडी ने इसे “प्रगतिशील और अति संवेदनशील” बयानबाजी करार देते हुए सवाल किया कि ऐसे स्वास्थ्य मंत्री से झारखंडवासी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?

उन्होंने कहा कि पिछली हड़ताल के दौरान सरकार और नई एम्बुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी ने कर्मचारियों की मांगों को मानने का सिर्फ दिखावा किया। त्रिपक्षीय समझौते का पालन नहीं हुआ, जिसमें श्रम विभाग द्वारा तय वेतनमान, कर्मचारियों की सेवा आयु 60 वर्ष करने, पूर्व में काटे गए वेतन का भुगतान, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से भुगतान जैसे मुद्दे शामिल थे।

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि इन मांगों में ऐसा क्या है, जो पूरा नहीं किया जा सकता? क्या सरकारी कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए भी अब संघर्ष करना पड़ेगा? उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य में खराब पड़ी एम्बुलेंसों की तरह स्वास्थ्य विभाग भी जंग खा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री की बयानबाजी को अनर्गल बताते हुए कहा कि इससे न तो व्यवस्था सुधरेगी और न ही मरीजों का स्वास्थ्य।

उन्होंने मुख्यमंत्री से हड़तालरत कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू करने की मांग की। मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।

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