रूस के कमचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, प्रशांत क्षेत्र में सुनामी का खतरा, अलर्ट जारी

रूस के कमचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, प्रशांत क्षेत्र में सुनामी का खतरा, अलर्ट जारी

Share
Link copied

रूस के सुदूर पूर्वी कमचटका प्रायद्वीप के तट पर बुधवार, 30 जुलाई 2025 को 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने प्रशांत महासागर क्षेत्र में हलचल मचा दी। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 8:25 बजे (जापान समय) आया और इसका केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कमचटस्की शहर से लगभग 119 किलोमीटर (74 मील) दक्षिण-पूर्व में, 19.3 किलोमीटर (12 मील) की उथली गहराई पर था। यह 1952 के बाद इस क्षेत्र में आया सबसे तीव्र भूकंप है, जिसकी तुलना 2011 में जापान में आए 9.0 तीव्रता के भूकंप से की जा रही है।

इस भूकंप के बाद रूस, जापान, अलास्का, हवाई, फिलीपींस, इक्वाडोर, चिली, न्यूज़ीलैंड और प्रशांत तट के कई अन्य देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। कमचटका में 3 से 4 मीटर ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गईं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की। जापान मौसम एजेंसी ने होक्काइडो और होन्शु के तटों के लिए 3 मीटर तक की लहरों की चेतावनी जारी की, जहां पहली लहर (लगभग 30 सेंटीमीटर) होक्काइडो के नेमुरो तट पर पहुंच चुकी है। हवाई में सुनामी की लहरें स्थानीय समयानुसार रात 7:15 बजे के बाद पहुंचने की आशंका है, और निवासियों को निचले इलाकों से निकलकर ऊंचे स्थानों या इमारतों की चौथी मंजिल पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

पेट्रोपावलोव्स्क-कमचटस्की में भूकंप के कारण इमारतों को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक किंडरगार्टन की इमारत भी शामिल है। रूस की तास समाचार एजेंसी के अनुसार, लोग बिना जूते या बाहरी कपड़ों के सड़कों पर भागे। बिजली और मोबाइल नेटवर्क में भी व्यवधान की खबरें हैं। सखालिन द्वीप के सेवेरो-कुरील्स्क में निकासी शुरू की गई है। हालांकि, गंभीर चोटों की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं है।

कमचटका प्रशांत रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जो भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के अनुसार, यह भूकंप 1952 के 9.0 तीव्रता वाले भूकंप के बाद क्षेत्र का सबसे बड़ा भूकंपीय घटना है। यूएसजीएस ने चेतावनी दी है कि अगले एक महीने तक 7.5 तीव्रता तक के आफ्टरशॉक हो सकते हैं। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने रूस, जापान, हवाई और अन्य प्रशांत तटों के लिए खतरनाक लहरों की आशंका जताई है, जिसमें कैलिफोर्निया, ओरेगन और वाशिंगटन के तट भी शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में हवाई, अलास्का और अमेरिका के प्रशांत तट के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने भी तटीय समुदायों से तत्काल निकासी की अपील की है। न्यूज़ीलैंड और अन्य प्रशांत देशों में भी समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

सुनामी की लहरों की तीव्रता और प्रभाव का आकलन अभी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुनामी की लहरें कई घंटों तक खतरा पैदा कर सकती हैं। लोगों से आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और तटों से दूर रहने का आग्रह किया जा रहा है।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow