हजारीबाग पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
हजारीबाग : हजारीबाग पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड उदय कुमार कुशवाहा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट डंकी रूट के जरिए लोगों को अमेरिका भेजने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भराजो गांव निवासी सोनू कुमार की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। सोनू ने बताया कि उदय कुमार कुशवाहा, जो पिछले 45 वर्षों से अमेरिका में रहकर व्यवसाय करता है, ने उन्हें नौकरी का लालच देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 2024 में ब्राजील भेजा। उनके साथ बिकाश कुमार और पिंटू कुमार को भी डंकी रूट के जरिए ब्राजील भेजा गया। वहां से उन्हें अंतरराष्ट्रीय माफिया के हवाले कर दिया गया, जो उन्हें Bolivia, Peru, Ecuador, Colombia, Panama, Costa Rica, Honduras, Guatemala होते हुए अमेरिका ले जाने की कोशिश में थे।
सोनू को 50 दिन तक माफिया के कब्जे में रखा गया। इस दौरान उदय ने उनके गरीब पिता से फोन पर संपर्क कर और पैसे मांगे। मजबूर होकर सोनू के पिता ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर ₹45 लाख उदय के रिश्तेदारों को दिए। सोनू को Mexico City से San Diego ले जाया गया, लेकिन अमेरिकी सीमा पर पकड़े जाने के बाद उन्हें चार महीने डिटेंशन सेंटर में रखा गया और मार्च 2025 में भारत डिपोर्ट कर दिया गया। घर लौटने पर उदय और उनके भाई चोहान प्रसाद ने सोनू को धमकियां दीं और मारपीट की।
सोनू की शिकायत पर टाटीझरिया थाना में 31 जुलाई 2025 को BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिश्रुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने अब तक 12 लोगों की सूची जारी की है, जिन्हें 2013 से 2022 के बीच डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया। इनमें दिगंबर कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, नंदू कुमार, पप्पू कुमार, चन्दन कुमार, शंभू दयाल, पृथ्वी राज कुशवाहा, संजय वर्मा, सुमन सौरभ प्रसाद, प्रवीण कुमार, अरुण कुमार कुशवाहा और धीरज कुमार शामिल हैं।

















