सूर्या हांसदा का एनकाउंटर नहीं, मर्डर हुआ: बाबूलाल मरांडी; सीबीआई या सिटिंग जज से जांच की मांग
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गोड्डा में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के कथित पुलिस एनकाउंटर को ‘मर्डर’ करार देते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में कराने की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस पर गंभीर आरोप
मरांडी ने कहा कि वर्तमान सरकार में कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और आदिवासियों की आवाज को दबाने के लिए फर्जी एनकाउंटर जैसे कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “आदिवासी नेता को अपराधी बनाना, निर्दोष को दोषी ठहराना, जमीन पर कब्जा कराना, माफियाओं को खुली छूट देना और आदिवासियों की हत्या कराना जैसे कार्य कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने कंधे पर ले लिए हैं।”
उन्होंने कहा कि इस सरकार में आम जनता के साथ-साथ सत्ता और विपक्ष के नेताओं और उनके सहयोगियों को भी हर दिन जान का खतरा बना रहता है। मरांडी ने सूर्या हांसदा के मामले को ‘फर्जी एनकाउंटर’ बताते हुए इसे वर्दी में छिपे “कायरों और बुजदिलों” द्वारा किया गया मर्डर करार दिया।
मुख्यधारा में लौटने की कोशिश को कुचला गया
मरांडी ने कहा कि सूर्या हांसदा ने चार बार चुनाव लड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी आवाज को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया। उन्होंने इसे झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ लोग आदिवासियों की आवाज और उनके हक-अधिकारों की लड़ाई से डरते हैं।
परिवार की मांग: सीबीआई जांच
मरांडी ने सूर्या हांसदा की पत्नी और मां के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि वे लगातार पुलिस पर जानबूझकर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। परिवार की मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो। मरांडी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि यदि सीबीआई जांच से डर लगता है, तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
फर्जी केस और उत्पीड़न का आरोप
मरांडी ने कहा कि झूठे मामलों में फंसाना, फर्जी केस दर्ज करना और लगातार दबाव बनाना विरोध करने वालों से निपटने का रवैया बन गया है। उन्होंने इस घटना को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला बताया और कहा कि यह कृत्य किसी को भी स्वीकार्य नहीं है।
भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से उठाने का फैसला किया है। मरांडी ने कहा कि सूर्या हांसदा के एनकाउंटर ने कई सवाली खड़े किए हैं और सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने इसे आदिवासी समाज के खिलाफ साजिश का हिस्सा बताया और कहा कि यह घटना झारखंड की जनता के लिए चिंता का विषय है।

















