डीएमएफटी घोटाला: भाजपा के आरोपों पर झामुमो का तीखा पलटवार, मरांडी से पूछा- ‘पहले अपनी भ्रष्टाचार की विरासत देखें
डीएमएफटी घोटाला: भाजपा के आरोपों पर झामुमो का तीखा पलटवार, मरांडी से पूछा- ‘पहले अपनी भ्रष्टाचार की विरासत देखें
रांची, 09 सितंबर : झारखंड में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड में कथित घोटाले को लेकर भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर डीएमएफटी फंड की लूट का आरोप लगाने के बाद, झामुमो ने तीखा पलटवार करते हुए भाजपा को भ्रष्टाचार की जननी करार दिया है।
भाजपा का आरोप: ‘हेमंत ने बनाया डीएमएफटी को एटीएम
बाबूलाल मरांडी ने रविवार को रांची में एक प्रेस वार्ता में दावा किया था कि बोकारो जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में डीएमएफटी फंड के 631 करोड़ रुपये की लूट हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस घोटाले का ‘सरगना’ बताते हुए कहा कि फंड को उनका ‘एटीएम’ बना लिया गया है। मरांडी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि यह लूट पूरे राज्य में फैली है।
झामुमो का जवाब: ‘भाजपा का इतिहास भ्रष्टाचार से भरा
झामुमो के महासचिव और प्रवक्ता विनोद पांडेय ने मरांडी के आरोपों को झूठ और बेबुनियाद करार देते हुए पलटवार किया। सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं का काम अब केवल दुष्प्रचार और बेबुनियाद आरोप लगाना रह गया है। उन्होंने रघुवर दास के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर डीएमएफटी फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पांडेय ने दावा किया कि उस समय खनन कंपनियों के साथ सांठगांठ कर फंड की लूट मचाई गई और पंचायतों में न तो पारदर्शिता थी, न ही कोई योजना धरातल पर दिखी।
हेमंत सरकार की पारदर्शिता से बौखलाहट
पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को यह जनकल्याणकारी काम रास नहीं आ रहा। पांडेय ने सवाल उठाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने डीएमएफटी फंड के उपयोग में झारखंड को कभी सहयोग क्यों नहीं दिया? उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने खनन कंपनियों को छूट दी और झारखंड के हिस्से की लाखों करोड़ रुपये की राशि रोकी।
भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने की जरूरत
विनोद पांडेय ने तंज कसते हुए कहा कि जिनके नेता भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जा रहे हैं, उन्हें हेमंत सोरेन की ईमानदार सरकार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मरांडी से पूछा कि भाजपा के शासनकाल में खनन प्रभावित परिवारों को कितनी राहत मिली? पांडेय ने कहा कि डीएमएफटी फंड का उद्देश्य खनन क्षेत्रों की जनता की भलाई था, लेकिन भाजपा ने इसका दुरुपयोग किया। इसके विपरीत, हेमंत सरकार ने इस फंड का उपयोग जनकल्याण के लिए किया है।
भाजपा की साजिश बेनकाब होगी
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य जनता की भलाई नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश रचना है। उन्होंने चेतावनी दी कि झारखंड की जनता सब देख रही है और समय आने पर भाजपा को इसका जवाब देगी। पांडेय ने जोर देकर कहा कि हेमंत सोरेन सरकार जनता के प्रति प्रतिबद्ध है और बेबुनियाद आरोपों से विचलित नहीं होगी।
राजनीतिक तनातनी तेज
डीएमएफटी फंड घोटाले के आरोप और पलटवार ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा जहां इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाने की बात कह रही है, वहीं झामुमो ने इसे राजनीतिक साजिश करार देकर अपने कार्यों की पारदर्शिता का दावा किया है। अब जनता की नजर इस बात पर है कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।


















