फर्जी डॉक्टरों से सावधान: गलत इलाज से बढ़ रही स्किन मरीजों की परेशानी, विशेषज्ञों की चेतावनी सही डॉक्टर से ही कराएं इलाज

रांची: झारखंड में फर्जी डॉक्टरों और क्वैकरी (फर्जी प्रैक्टिस) की बढ़ती समस्या लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन रही है। खासकर त्वचा रोगों और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े से मरीजों की परेशानियां बढ़ रही हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनेरियोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) ने रांची प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर चेतावनी जारी की। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे स्किन और हेयर ट्रीटमेंट के लिए केवल एमबीबीएस और एमडी (डर्मेटोलॉजी) डिग्रीधारी डॉक्टरों से ही संपर्क करें।
कॉस्मेटोलॉजी का सच: कोई मेडिकल डिग्री नहीं
स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा रानी ने बताया कि ब्यूटी पार्लर से लेकर कई सामान्य क्लीनिक तक में लोग खुद को कॉस्मेटोलॉजिस्ट बताकर इलाज कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉस्मेटोलॉजी कोई मेडिकल स्पेशलाइजेशन नहीं है। सरकार ने कॉस्मेटोलॉजिस्ट के लिए न्यूनतम योग्यता सिर्फ 10वीं पास तय की है। ऐसे में बिना मेडिकल ट्रेनिंग वाले लोग गंभीर स्किन समस्याओं का इलाज करने की क्षमता नहीं रखते। डॉ. नेहा ने कहा, “लोग सुंदर दिखने की चाह में इन फर्जी डॉक्टरों के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्किन खराब हो जाती है और कई मामलों में जानलेवा संक्रमण तक हो जाता है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कानपुर में फर्जी इलाज के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है।
गलत ट्रीटमेंट से बिगड़ रही मरीजों की हालत
डॉ. कुमार प्रतीक ने बताया कि फर्जी डॉक्टर सस्ते इलाज का लालच देकर मुंहासे, झाइयां और बाल झड़ने की समस्याओं के लिए इंजेक्शन, केमिकल पील और लेजर जैसी प्रक्रियाएं करते हैं। बिना उचित ट्रेनिंग और मेडिकल नॉलेज के ये प्रक्रियाएं खतरनाक साबित होती हैं। उन्होंने कहा, “जब मरीज असली विशेषज्ञों के पास पहुंचते हैं, तब तक उनकी स्थिति इतनी बिगड़ चुकी होती है कि इलाज जटिल और महंगा हो जाता है।”
सही डॉक्टर की पहचान कैसे करें?
IADVL के स्टेट सेक्रेटरी डॉ. राजू कुमार और डॉ. अम्लान सोम ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “इलाज कराने से पहले यह जरूर जांच लें कि डॉक्टर के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया या स्टेट मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त डिग्री है। अगर कोई खुद को कॉस्मेटोलॉजिस्ट बताता है, तो समझ लें कि वह डॉक्टर नहीं है।”
लोगों से विशेषज्ञों की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. राजेंद्र प्रसाद साहू, डॉ. संतोष मोदी सहित अन्य विशेषज्ञों ने एकजुट होकर लोगों से अपील की कि वे स्किन और हेयर ट्रीटमेंट के लिए केवल लाइसेंस प्राप्त त्वचा रोग विशेषज्ञों (एमबीबीएस, एमडी डर्मेटोलॉजी) से संपर्क करें। सही डॉक्टर से इलाज न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह गंभीर जटिलताओं से भी बचाता है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि फर्जी डॉक्टरों की लापरवाही से न केवल आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है, बल्कि यह आपके जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है। अपनी स्किन और बालों की देखभाल सही हाथों में सौंपें और फर्जीवाड़े से बचें।

















