हिंदी दिवस 2025: झारखंड सरकार ने श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची में किया भव्य आयोजन

रांची : कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड द्वारा आज श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता, संस्कृति और संवाद की सशक्त भाषा बताते हुए इसके प्रचार-प्रसार और तकनीकी युग के अनुरूप विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने प्रशासनिक कार्यों को सरल और जनसामान्य तक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रवीण टोप्पो ने जोर देकर कहा, “हिंदी को सरलता, सहजता और समृद्धि की ओर ले जाना हम सबका साझा कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा भारत सरकार के साथ पत्राचार हिंदी में किया जा रहा है, जिससे हिंदी का प्रयोग राज्य और केंद्र स्तर पर और सशक्त हो रहा है। झारखंड सरकार विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से हिंदी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

हाल ही में साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित लेखिका एवं हिंदी विभाग (राम लखन सिंह यादव कॉलेज) की सहायक प्राध्यापक डॉ. पार्वती तिर्की ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर भी है। उन्होंने नई पीढ़ी तक हिंदी की समृद्धि पहुंचाने की जिम्मेदारी पर जोर दिया। समारोह में अन्य वक्ताओं ने हिंदी को बिजनेस, मैनेजमेंट, मेडिकल, इंजीनियरिंग, ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्लेटफार्मों पर अधिक उपयोग के साथ-साथ स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक इसके प्रचार पर बल दिया।

समारोह में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित निबंध लेखन और लघु कथा लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कारजितेंद्र कुमार मुंडा, द्वितीय पुरस्कार हर्षिता कुमारी और तृतीय पुरस्कार प्रिया कुमारी को मिला। वहीं हिंदी दिवस लघु कथा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार।युवराज शांतनु, द्वितीय पुरस्कार राहुल कुमार और तृतीय पुरस्कार अनुराधा कुमारी को मिला।

इस अवसर पर कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो, विशेष सचिव ओम प्रकाश साह, कवयित्री व लेखिका डॉ. पार्वती तिर्की, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हीरानंद प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

झारखंड सरकार हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह ने हिंदी को डिजिटल और तकनीकी युग में और सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।