जितिया मेले में चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज

जितिया मेले में चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज

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लातेहार : जिले के सदर थाना क्षेत्र के आरागुड़ी पंचायत अंतर्गत टेमकी गांव में जितिया पर्व के अवसर पर लगे जतरा मेले में बुधवार की शाम एक ठेले पर चाउमीन खाने से 35 बच्चे फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। मेले में भारी भीड़ उमड़ी थी, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। चाउमीन खाने के मात्र दो घंटे बाद ही बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव को सूचना दी। विनोद उरांव ने सदर अस्पताल से एंबुलेंस बुलाकर सभी बच्चों को तत्काल भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचने पर चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय प्रकाश जायसवाल ने बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉ. जायसवाल ने बताया कि सभी बच्चे फूड पॉइजनिंग से प्रभावित हैं, जिनकी उम्र 3 से 15 वर्ष के बीच है। करीब 10 प्रतिशत बच्चे गंभीर स्थिति में थे, लेकिन उन्हें बेहतर इलाज प्रदान किया गया है। वर्तमान में सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

बच्चों के अभिभावकों संतोषी देवी और बिना देवी ने बताया कि जितिया मेले के एक दिन बाद भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए एक व्यक्ति के ठेले पर चाउमीन उपलब्ध थी, जिसे बच्चे खरीदकर खा लिया। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिप सदस्य विनोद उरांव ने कहा कि चाउमीन ही बीमारी का मुख्य कारण है, लेकिन समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से कोई जानलेवा स्थिति नहीं बनी। उन्होंने मेले में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जिला प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जितिया पर्व के दौरान लगने वाले मेलों में खान-पान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की मांग उठ रही है।

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