बोकारो के फुसरो बाजार में ज्वेलरी शॉप और ड्रेसेज स्टोर में भीषण आग, लाखों का नुकसान; शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका

झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो थाना क्षेत्र के फुसरो बाजार में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। पुराने बीडीओ ऑफिस के पास स्थित मोती मार्ट ड्रेसेज और एमए ज्वेलर्स दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते दोनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से दुकानों के अंदर रखे कीमती गहने, फर्नीचर, कपड़े और अन्य सामान जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस घटना से लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग दौड़े चले आए और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह धीरे-धीरे पूरे दुकान को लीलती चली गई। सूचना पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, हालांकि धुएं के संपर्क में आने वाले कुछ लोगों को हल्की परेशानी हुई।

आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों और दुकान मालिकों ने आशंका जताई है कि यह बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। बोकारो जिला के सबसे बड़े बाजार फुसरो में स्थित ये दुकानें व्यस्त इलाके में हैं, जहां बिजली की ओवरलोडिंग आम समस्या है। पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर जांच में जुटी हुई है। फॉरेंसिक टीम भी साइट का निरीक्षण कर रही है ताकि आग के स्रोत का पता लगाया जा सके।

दोनों दुकानों के मालिकों ने इस घटना से हुए भारी नुकसान पर दुख जताया है। एमए ज्वेलर्स के मालिक ने बताया, “दुकान में लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने, जेवरात और अन्य सामान रखे थे, जो सब जलकर नष्ट हो गए। यह हमारी साल भर की मेहनत का नतीजा था।” वहीं, मोती मार्ट ड्रेसेज के मालिक ने कहा, “कपड़ों का स्टॉक और फर्नीचर पूरी तरह बर्बाद हो गया। हमें अब दोबारा सब कुछ खड़ा करना पड़ेगा।” घटना से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई, और आसपास की दुकानें भी कुछ घंटों के लिए बंद रहीं।

बेरमो थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। बोकारो जिला प्रशासन ने प्रभावित दुकान मालिकों को तत्काल राहत प्रदान करने का आश्वासन दिया है। दमकल अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के लिए सीसीएल (कोल इंडिया) की दो दमकल गाड़ियों का सहयोग लिया गया, और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


















