बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मुख्य चुनाव आयुक्त की अगुवाई में ईसीआई टीम पटना पहुंची, तैयारियों की समीक्षा के लिए दो दिवसीय दौरा

पटना : बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में हलचल तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की उच्चस्तरीय टीम शुक्रवार रात पटना पहुंच चुकी है। यह दो दिवसीय दौरा (4-5 अक्टूबर) चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा के लिए है, जिसमें राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के साथ बैठकें शामिल हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के अंत में चुनाव तारीखों का ऐलान हो सकता है, जो नवंबर में होने वाले मतदान की तस्वीर स्पष्ट करेगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, यह दौरा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। टीम में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल हैं। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजिया के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, “इस समीक्षा यात्रा का उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से आयोजित सुनिश्चित करना है।”

दौरा कार्यक्रम: राजनीतिक दलों से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक व्यापक समीक्षा
शनिवार (4 अक्टूबर) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक ताज होटल में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में दल अपनी सुझाव और अपेक्षाएं साझा करेंगे। भाजपा राज्य अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “कल चुनाव आयोग सभी प्रमुख दलों के साथ बैठक करेगा। हम चुनावी माहौल, सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं की सुविधा पर अपनी राय रखेंगे।” हालांकि, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर (एचएएमएस), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) जैसे कुछ छोटे दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है, क्योंकि वे मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय दलों के मानदंडों पर खरे नहीं उतरते।

बैठक के बाद, टीम नौ प्रशासनिक मंडलों के आयुक्तों, इंस्पेक्टर जनरलों (आईजी), डिप्टी आईजी, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक) से मिलेगी। कानूनी और व्यवस्थागत तैयारियों पर चर्चा होगी।

रविवार (5 अक्टूबर) को सुबह प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से मुलाकात होगी, जिसमें निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के कदमों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के नोडल अधिकारियों और बिहार मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों से बैठक होगी। लगभग 400 कंपनियों के सीएपीएफ और अन्य राज्यों से सशस्त्र पुलिस बल तैनाती की योजना है। दौरे के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक होगी। दोपहर में मीडिया को संबोधित करते हुए चुनावी तैयारियों और आगामी कदमों पर जानकारी दी जाएगी, जिसमें तारीखों का ऐलान संभावित है।


















