चतरा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी गिरफ्तार, हजारीबाग भूमि घोटाले से जुड़ा मामला

चतरा : हजारीबाग के चर्चित खासमहल भूमि घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता (एसीबी) ने चतरा जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की निदेशक अलका कुमारी को एसीबी की हजारीबाग टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी विनय चौबे के कार्यकाल से जुड़े अवैध भूमि निबंधन और जमाबंदी के आरोपों से संबंधित बताई जा रही है। हालांकि, न तो एसीबी के अधिकारियों ने और न ही जिला प्रशासन या पुलिस ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।

एसपी आरिफ इकराम के नेतृत्व में चतरा पहुंची एसीबी हजारीबाग की स्पेशल टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से विकास भवन स्थित डीआरडीए निदेशक कार्यालय में छापा मारा। देर शाम सदर थाना की महिला एसआई, सशस्त्र बल की महिला जवानों और सादे लिबास में शामिल एसीबी अधिकारियों ने सीधे अलका कुमारी के चेंबर में दाखिल हो गए। थोड़ी देर की बातचीत के बाद उन्हें गुपचुप तरीके से गाड़ी में बिठाकर सदर थाना ले जाया गया।

कार्यालय कर्मचारियों को इस कार्रवाई की भनक करीब एक घंटे बाद लगी, जिसके बाद विकास भवन और पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। वर्तमान में सदर थाना में एसीबी एसपी आरिफ इकराम स्वयं अलका कुमारी से गहन पूछताछ कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद अलका को हजारीबाग ले जाया जाएगा या चतरा कोर्ट में पेश किया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, अलका कुमारी पर आरोप है कि जब विनय चौबे हजारीबाग के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) थे, तब अलका सदर अंचल अधिकारी (सीओ) के पद पर तैनात थीं। इस दौरान उन्होंने खासमहल की लगभग 3.75 एकड़ जमीन का अवैध निबंधन और जमाबंदी करवाकर घोटाले में सहयोग किया। राज्य सरकार के निर्देश पर एसीबी द्वारा चल रही इस जांच में अलका की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

हजारीबाग खासमहल भूमि घोटाला लंबे समय से चर्चा में है। इसमें सरकारी जमीन को गैर-सरकारी संस्थाओं को हस्तांतरित करने के आरोप हैं। विनय चौबे (1999 बैच आईएएस) को मई 2025 में झारखंड शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, और अगस्त में एसीबी ने उन्हें भूमि घोटाले में भी आरोपी घोषित कर दिया। सितंबर में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

इस घोटाले में विनय चौबे के अलावा हजारीबाग के तत्कालीन खासमहल पदाधिकारी विनोद चंद्र झा भी न्यायिक हिरासत में हैं। अलका कुमारी की गिरफ्तारी इस मामले में तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। एसीबी की जांच जारी है, और इससे जुड़े अन्य अधिकारियों पर भी नजर रखी जा रही है।

अलका कुमारी की गिरफ्तारी की खबर से चतरा जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड के प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल गई है। कई अधिकारी इस मामले से जुड़े होने के डर से सतर्क हो गए हैं। एसीबी की इस नाटकीय कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को रेखांकित किया है।

















