लातेहार के नगड़ा गांव में जंगली हाथियों का तांडव: फसलें तबाह, पशुधन का नुकसान

झारखंड के लातेहार जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आपके द्वारा साझा की गई खबर के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड के नगड़ा गांव में बीती रात करीब 15-16 हाथियों के झुंड ने भारी तबाही मचाई। यह घटना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर जब वन विभाग की ओर से त्वरित सहायता का अभाव दिख रहा है। आइए, इस घटना को विस्तार से समझते हैं और जिले में हाथी उत्पात की व्यापक स्थिति पर नजर डालते हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, रात के अंधेरे में हाथियों का दल अचानक गांव पहुंचा। उन्होंने खेतों में खड़ी धान और फुलगोभी की फसलें चट कर दीं। प्रभावित किसानों में तीरथ उर्फ प्रयाग साव, जलेश्वर साव, हेमंत साव, प्रेम साव, रविंद्र साव, मनोज साव, बाला साव, चौतरी साव, गोवर्धन साव और हरिचंद्र साव के नाम प्रमुख हैं।

किसान प्रयाग साव के एक बैल को हाथियों ने पटककर मार डाला। इसके अलावा, जलेश्वर साव के पोल्ट्री फार्म को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे सैकड़ों मुर्गियां प्रभावित हो सकती हैं।

पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग टॉर्च और मशालों की मदद से किसी तरह झुंड को भगाने में सफल रहे, लेकिन वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों का डर है कि हाथी दोबारा लौट सकते हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से नुकसान की तत्काल भरपाई, मुआवजे की मांग की है। साथ ही, हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए बिजली के तार, ड्रोन निगरानी या सोलर फेंसिंग जैसी स्थायी व्यवस्था की अपील की गई है।



















