बोकारो में 42 हाथियों का बड़ा झुंड: ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल, वन विभाग अलर्ट

झारखंड के बोकारो जिले में जंगली हाथियों का एक विशाल झुंड गोला रामगढ़ जिले से होते हुए पहुंचा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। इस 42 हाथियों के झुंड में तीन नवजात शावक भी शामिल हैं, जो झुंड की गति को धीमा बना रहे हैं। वन विभाग की टीमें तीन दिनों से लगातार अलर्ट जारी कर रही हैं, लेकिन हाथियों ने खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

हाथियों का यह झुंड गोमिया प्रखंड के तेनुघाट वन क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। रात के अंधेरे में बिखरकर ये ग्रामीण बस्तियों के आसपास घूम रहे हैं, जिससे किसानों के खेतों और बागानों में भारी तबाही मच रही है। किसान अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए चिंतित हैं। कई जगहों पर फसलें रौंद दी गई हैं, और ग्रामीण रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं। एक स्थानीय किसान ने बताया, “ये हाथी रात में आकर सब कुछ उजाड़ देते हैं। हमारी फसलें बर्बाद हो रही हैं, और जान का खतरा भी बना हुआ है।”

बोकारो वन विभाग ने हाथी भगाओ दस्ते की दो टीमों को झुंड के पीछे लगाया है, ताकि इन्हें जंगल की ओर मोड़ा जा सके। विभाग की गाड़ियां ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर जागरूकता अभियान चला रही हैं। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है: “जंगली हाथियों का बड़ा झुंड आपके क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। सतर्क रहें, जंगल की ओर न जाएं, शाम ढलते ही घर से बाहर न निकलें।” विभाग का मानना है कि जागरूकता से ग्रामीण अपने परिवार, अनाज और संपत्ति को सुरक्षित रख सकेंगे।

इस झुंड में तीन नवजात हाथी शावक होने से गति बेहद धीमी है, जो स्थिति को और जटिल बना रही है। वन अधिकारियों के अनुसार, शाम होते ही झुंड बिखर जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में चला आता है। यदि कोई व्यक्ति अचानक हाथियों से टकरा गया, तो अप्रिय घटना हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।



















