आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह समेत 10 नेता 6 साल के लिए आरजेडी से निष्कासित, अब तक कुल 37 बागियों पर गिरी गाज
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले विपक्षी महागठबंधन की प्रमुख पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बागी नेताओं पर शिकंजा कस दिया है। बुधवार को पार्टी ने विधायक फतेह बहादुर सिंह समेत 10 नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। यह कार्रवाई ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में की गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने साफ संदेश दिया है कि चुनावी माहौल में किसी भी तरह की बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इन नेताओं पर आरोप है कि वे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय या स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। फतेह बहादुर सिंह को टिकट न मिलने के बाद उन्होंने देहरी सीट से निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया था, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह कार्रवाई कुछ दिनों पहले की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है। 27 अक्टूबर को आरजेडी ने दो विधायकों छोटेलाल राय (पारसा) और मोहम्मद कमरान (गोविंदपुर), महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋतु जायसवाल, पूर्व विधायक राम प्रकाश महतो, अनिल साहनी, सरोज यादव, अनिल यादव, पूर्व एमएलसी गणेश भारती समेत कुल 27 नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। इन पर भी पार्टी या महागठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने का आरोप था। ऋतु जायसवाल को सिटामढ़ी जिले की परिहार सीट से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया था।
इन दोनों कार्रवाइयों के बाद अब तक आरजेडी ने कुल 37 बागी नेताओं को निष्कासित किया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने और महागठबंधन की एकजुटता को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “चुनाव के समय पार्टी में कोई गुंजाइश नहीं, सबको पार्टी लाइन में रहना होगा।

















