बॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन
मुंबई : हिंदी सिनेमा जगत को एक बड़ा सदमा लगा है। 1970-80 के दशक की प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन हो गया है। 71 वर्षीय सुलक्षणा ने 6 नवंबर की रात मुंबई के नानावती अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। उनके भाई और संगीतकार ललित पंडित ने इसकी पुष्टि की है। ललित ने बताया कि सुलक्षणा को कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके कारण रात 8 बजे उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 12 बजे मुंबई में किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुलक्षणा पंडित संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित और अभिनेत्री विजेता पंडित की बहन थीं। एक संगीतमय परिवार में जन्मीं सुलक्षणा का जन्म 12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गायिका के रूप में की और लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार जैसे दिग्गजों के साथ ड्यूएट गाए। उनकी मधुर आवाज ने कई यादगार गाने दिए, जैसे ‘तुम्हें याद कर के’ और ‘दिल की नजर से’।
अभिनय के क्षेत्र में भी सुलक्षणा ने अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 1975 में आई फिल्म ‘उलझन’ से डेब्यू किया, जिसमें वे संजीव कुमार के अपोजिट नजर आईं। इसके बाद ‘हेरा फेरी’, ‘अपनापन’, ‘खानदान’, ‘चेहरे पे चेहरा’, ‘धर्म कांटा’ और ‘वक्त की दीवार’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने जीतेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की। 1978 में वे बंगाली फिल्म ‘बैंडी’ में उतम कुमार के साथ नजर आईं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण था।
लंबी बीमारी से जूझ रही सुलक्षणा को सांस लेने में तकलीफ होने पर नानावती अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। ललित पंडित ने कहा, “वे थोड़ी अस्वस्थ लग रही थीं। हम उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन पहुंचने से पहले ही चली गईं।”
इस खबर के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। कई सितारे सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। सुलक्षणा की विरासत हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग का हिस्सा बनी रहेगी। उनके चाहने वाले हमेशा उनकी मधुर आवाज को याद रखेंगे।

















