झारखंड में कोयला तस्करी का काला खेल: बाबूलाल मरांडी का आरोप- सीएम, पुलिस और उग्रवादियों का गठजोड़
रांची : झारखंड में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला तस्करी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पुलिस अधिकारी और उग्रवादी संगठनों के बीच गठजोड़ बनाकर कोयले की अवैध ढुलाई की जा रही है, जिससे राज्य के संसाधनों का खुलेआम दोहन हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को यहां जारी बयान में कहा कि यह तस्करी अब धनबाद, बोकारो और रामगढ़ तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पलामू और लातेहार जैसे जिलों में भी फैल चुकी है। उन्होंने खुलासा किया कि केवल पलामू जिले के रास्ते प्रतिदिन हजारों टन चोरी का कोयला बिहार के डेहरी और उत्तर प्रदेश के बनारस की मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे होने वाली मासिक 15 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का बंटवारा मुख्यमंत्री, उग्रवादी संगठनों और पुलिस अधिकारियों के बीच होता है।
“झारखंड में मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारी और उग्रवादी संगठन आपसी गठजोड़ बनाकर बनारस की मंडियों में कोयला तस्करी करा रहे हैं। अगर पूरे राज्य के अलग-अलग रास्तों से गुजरने वाले चोरी के कोयले से होने वाली काली कमाई की बात करें, तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि रोजाना कितने करोड़ की लूट हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि शायद झारखंड ही ऐसा राज्य है, जहां अपराधी, पुलिस और सत्ता की सांठगांठ से प्रदेश के संसाधनों को लूटा जा रहा है। न जाने कैसे-कैसे दिन दिखाएगी हेमंत सोरेन की भ्रष्टाचारी सरकार?

















