सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में धूमधाम से मनाया गया जनजाति गौरव दिवस

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में धूमधाम से मनाया गया जनजाति गौरव दिवस

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शंभू कुमार सिंह 

सलडेगा/सिमडेगा : श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड (वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई) द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर “जनजाति गौरव दिवस” बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अपनी जनजातीय संस्कृति, परंपरा और स्वाधीनता संग्राम में आदिवासी नायकों के योगदान के प्रति गर्व व राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, भारत माता एवं भगवान बिरसा मुण्डा सहित विभिन्न जनजातीय महानायकों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि से हुई। पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और जनजातीय गौरव की भावना से ओत-प्रोत नजर आ रहा था।

मुख्य अतिथि प्रांत शिक्षा प्रमुख सुभाष चंद्र दुबे रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में वनवासी कल्याण केंद्र जिला समिति अध्यक्ष श्री हरिश्चंद्र भगत, सचिव अरुण सिंह, शिक्षाविद् साधु मलुवा तथा संकुल प्रमुख संतोष दास शामिल थे। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

कार्यक्रम में बच्चों ने स्वागत गीत, जनजातीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रानी दुर्गावती, महारानी लक्ष्मीबाई, भगवान बिरसा मुण्डा, सिद्धो-कान्हु, तिलका माँझी, तेलंगा खड़िया आदि वीर-वीरांगनाओं की जीवंत वेशभूषा एवं झांकियाँ प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों ने नागपुरी, मुण्डारी, खड़िया आदि स्थानीय भाषाओं में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने विचार भी व्यक्त किए।

मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र दुबे ने कहा, “बच्चों में संस्कार से ही आती है राष्ट्रभक्ति। हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा तभी हम देश की सांस्कृतिक विविधता को मजबूत कर पाएंगे।” उन्होंने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान और वर्तमान में देश निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

अन्य अतिथियों साधु मलुवा, हरिश्चंद्र भगत एवं संतोष दास ने भी बच्चों को अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करने तथा बिरसा मुण्डा जैसे नायकों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

अंत में प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार पाठक ने सभी अतिथियों, आचार्य परिवार, बच्चों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय ने देश की आजादी में जो बलिदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश को मजबूत बनाना है।

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