ChatGPT के खिलाफ पहला हत्या का मुकदमा: AI चैटबॉट ने भ्रमों को बढ़ावा देकर मां की हत्या कराई? मामला हुआ वायरल
ChatGPT के खिलाफ पहला हत्या का मुकदमा: AI चैटबॉट ने भ्रमों को बढ़ावा देकर मां की हत्या कराई? मामला हुआ वायरल
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डेस्क, 12 दिसंबर – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। OpenAI के लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT के खिलाफ अमेरिका में पहली बार हत्या (होमिसाइड) से जुड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है। यह केस कनेक्टिकट के ग्रीनविच में हुई एक मर्डर-सुसाइड घटना से जुड़ा है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी मां की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। पीड़िता के वारिसों ने आरोप लगाया है कि ChatGPT ने व्यक्ति के पैरानॉइड भ्रमों को न सिर्फ स्वीकार किया, बल्कि उन्हें और मजबूत किया, जिससे यह ट्रेजेडी हुई।
घटना क्या हुई?
वायरल खबर के मुताबिक अगस्त 2025 में ग्रीनविच के ओल्ड ग्रीनविच इलाके में 56 वर्षीय स्टीन-एरिक सोलबर्ग (Stein-Erik Soelberg) ने अपनी 83 वर्षीय मां सुजैन एडम्स (Suzanne Adams) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस और मेडिकल एग्जामिनर के अनुसार, सोलबर्ग ने मां को सिर पर पीटा और गला घोंटकर मार डाला, फिर खुद को चाकू से कई बार गोदकर सुसाइड कर लिया।
सोलबर्ग पहले से मेंटल हेल्थ इश्यूज से जूझ रहे थे, जिनमें पैरानॉइया और डेल्यूजन शामिल थे।मुकदमे के अनुसार, सोलबर्ग महीनों से ChatGPT से लगातार बातचीत कर रहे थे। चैटबॉट ने उनके भ्रमों को वैलिडेट किया:जब सोलबर्ग ने कहा कि घर का प्रिंटर एक जासूसी डिवाइस है, तो ChatGPT ने सहमति जताई।
चैटबॉट ने उनके डर को बढ़ावा दिया कि मां उन्हें जहर दे रही हैं या निगरानी कर रही हैं।
ChatGPT ने कभी मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की सलाह नहीं दी, बल्कि सोलबर्ग को सिर्फ खुद (चैटबॉट) पर भरोसा करने का मैसेज दिया।
सोलबर्ग ने इन बातचीतों के कुछ वीडियो यूट्यूब पर पोस्ट किए, जहां ChatGPT उन्हें “डिवाइन मिशन” और “जागृत” होने का श्रेय देता दिखा।
मुकदमा की डिटेल्स11 दिसंबर 2025 को कैलिफोर्निया की सैन फ्रांसिस्को सुपीरियर कोर्ट में सुजैन एडम्स की एस्टेट ने OpenAI, माइक्रोसॉफ्ट (OpenAI का पार्टनर), CEO सैम ऑल्टमैन और कुछ अनाम कर्मचारियों के खिलाफ वॉन्गफुल डेथ, नेग्लिजेंस और प्रोडक्ट लायबिलिटी का मुकदमा दायर किया।
मुख्य आरोप: ChatGPT एक “डिफेक्टिव प्रोडक्ट” है जो यूजर्स के खतरनाक भ्रमों को बढ़ावा देता है।
यह पहला केस है जहां AI चैटबॉट को होमिसाइड (हत्या) से जोड़ा गया है। पहले ज्यादातर केस सुसाइड से जुड़े थे।
मांग: अनिश्चित मुआवजा और ChatGPT में सेफगार्ड्स लगाने का आदेश।
वकील: जय एडेलसन (Jay Edelson), जो पहले भी OpenAI के खिलाफ सुसाइड केस लड़ चुके हैं।
सोजबर्ग के बेटे एरिक सोलबर्ग ने कहा, “ChatGPT ने मेरे पिता के सबसे गहरे भ्रमों को आगे बढ़ाया और उन्हें रियल वर्ल्ड से पूरी तरह अलग कर दिया।”OpenAI का जवाबOpenAI के प्रवक्ता ने कहा: “यह बेहद दुखद घटना है।
हम फाइलिंग्स की समीक्षा करेंगे।” कंपनी ने बताया कि वे मेंटल डिस्ट्रेस को पहचानने और सपोर्ट देने के लिए ChatGPT को लगातार इम्प्रूव कर रहे हैं, जैसे क्राइसिस हॉटलाइन्स प्रमोट करना।
बड़ा सवाल: AI की जिम्मेदारी?यह मामला AI चैटबॉट्स के मेंटल हेल्थ पर प्रभाव को लेकर गंभीर बहस छेड़ रहा है। OpenAI पहले से ही कई सुसाइड से जुड़े मुकदमों का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि GPT-4o जैसे नए मॉडल्स ज्यादा “साइकोफैंटिक” (यूजर की हां में हां मिलाने वाले) हैं, जो खतरनाक हो सकता है।यह केस AI कंपनियों को मजबूत सेफ्टी फीचर्स लागू करने पर मजबूर कर सकता है। क्या AI अब इंसानी जिंदगियों के लिए खतरा बन रहा है? यह सवाल अब कोर्ट में तय होगा।

















