स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धनबाद सदर अस्पताल में संभाली ओपीडी, मरीजों की जांच की और बड़ी घोषणा की
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धनबाद सदर अस्पताल में संभाली ओपीडी, मरीजों की जांच की और बड़ी घोषणा की
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद, : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बुधवार को धनबाद सदर अस्पताल का आकस्मिक दौरा किया और खुद डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए ओपीडी में बैठकर मरीजों की जांच की। मंत्री ने मरीजों की नब्ज देखी, उनकी समस्याएं सुनीं और दवाएं लिखीं। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और डॉक्टरों व स्टाफ को किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
यह दौरा मंत्री की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसमें वे राज्य के विभिन्न जिलों के सदर अस्पतालों में ओपीडी संभालकर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जान रहे हैं। मंत्री सुबह 11 बजे आने वाले थे, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे पहुंचे और लगभग 35 मिनट ओपीडी में रहे। इस दौरान उन्होंने तीन मरीजों की जांच की। अस्पताल से निकलते समय एक घायल बच्चे को देखकर उन्होंने गाड़ी रुकवाई और बच्चे का हालचाल जाना।सबसे बड़ी घोषणा: दिशोम गुरु शिबू सोरेन मेडिकल कॉलेजमंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि धनबाद सदर अस्पताल परिसर में तीन साल के अंदर दिशोम गुरु शिबू सोरेन मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। पुरानी इमारत को तोड़कर नई आधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सुविधाएं होंगी। यह धनबाद का दूसरा मेडिकल कॉलेज होगा, जो कोयलांचल क्षेत्र को मेडिकल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। भविष्य में यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक तकनीक से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
मंत्री ने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) की कमियों को दूर करने और नए भवन निर्माण की बात भी कही। साथ ही, राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले डॉक्टरों को 5 साल अनिवार्य सेवा देने का नियम लागू करने की घोषणा की।इस अनोखी पहल की कई जगह सराहना हो रही है, तो कुछ रिपोर्ट्स में देरी से पहुंचने और कम मरीज देखने पर सवाल भी उठे हैं। फिर भी, मंत्री की यह कोशिश स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।

















