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रांची: चूहों ने खा लिया 200 किलो गांजा! पुलिस की लापरवाही से NDPS केस में आरोपी बरी

रांची: चूहों ने खा लिया 200 किलो गांजा! पुलिस की लापरवाही से NDPS केस में आरोपी बरी

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रांची, 29 दिसंबर 2025: झारखंड की राजधानी रांची में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस के मालखाने में सुरक्षित रखा गया करीब 200 किलो गांजा कथित तौर पर चूहों ने खा लिया। इस चौंकाने वाले दावे के चलते विशेष NDPS अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यह मामला 17 जनवरी 2022 का है। ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद बोलेरो गाड़ी में भारी मात्रा में मादक पदार्थ लदा हुआ रांची से रामगढ़ की ओर जा रहा है। NH-20 पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने गाड़ी रोकी। गाड़ी में सवार तीन लोग भागने लगे, जिनमें से दो फरार हो गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार के वैशाली जिले के वीरपुर गांव निवासी इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय (26 वर्ष) के रूप में हुई।

गाड़ी की तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत एक करोड़ रुपये थी। NDPS एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया। जांच के बाद 13 मार्च 2022 को चार्जशीट दाखिल की गई।

हालांकि, ट्रायल के दौरान पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं:गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर बड़े विरोधाभास।
यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, गाड़ी कहां रोकी गई या तलाशी की प्रक्रिया कितनी देर चली।
वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक साफ नहीं थे, जिससे जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

सबसे हैरान करने वाला खुलासा तब हुआ, जब अदालत को बताया गया कि मालखाने में रखा जब्त गांजा चूहों ने खा लिया। पुलिस ने 2024 में इस संबंध में सनहा भी दर्ज किया था। अदालत ने इस दावे को पुलिस की गंभीर लापरवाही माना और सबूतों की कमी के आधार पर 19 दिसंबर 2025 को आरोपी इंद्रजीत राय को बरी कर दिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी को वाहन से जोड़ने के ठोस सबूत नहीं पेश किए गए, न ही जब्ती और नमूनाकरण की प्रक्रिया पर भरोसा किया जा सकता है। मालखाने में मादक पदार्थों की सुरक्षा पर भी कड़े सवाल उठाए गए।

ऐसे में सवाल यह है की NDPS एक्ट के तहत जांच की गुणवत्ता और मालखाना प्रबंधन में ऐसी खामियां होने से आरोपी क्या ऐसे ही छूटते रहेंगे या इसमे को खेल है।

मुख्य घटनाक्रम:

17 जनवरी 2022: गांजा बरामदगी और केस दर्ज।
13 मार्च 2022: चार्जशीट दाखिल।
01 जून 2022: चार्ज फ्रेम।
16 दिसंबर 2025: बहस पूरी, फैसला सुरक्षित।
19 दिसंबर 2025: आरोपी बरी।

जाहिर है 2018 में भी शेरगढ़ और हाइवे पुलिस ने 386 और 195 किलो गांजा पकड़ा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी कीमत 60 लाख थी. पुलिस ने इसकी रिपोर्ट एडीजे सप्तम के कोर्ट में पेश की. जिसमे पुलिस बोली कि गांजा तो चूहे खा गए.

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