पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने खरसावां गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रांची : आजसू पार्टी के प्रमुख एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने आज खरसावां शहीद स्थल पहुंचकर 1948 के खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए आदिवासी वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद वेदी पर माल्यार्पण किया और शहीदों को नमन किया।
सुदेश महतो ने कहा कि खरसावां गोलीकांड, संथाल हुल तथा बिरसा उलगुलान जैसे आदिवासी विद्रोहों के गुमनाम शहीदों का शीघ्र चिह्नीकरण किया जाना चाहिए। तभी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इन विद्रोहों में शहीदों की संख्या हजारों में थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा आंकड़े काफी कम बताए गए थे। केवल शहीदों के वंशजों को नौकरी देकर हमारा कर्तव्य पूरा नहीं होता।
सुदेश महतो ने आगे कहा कि झारखंड आंदोलन के दौरान आजसू पार्टी के लिए खरसावां शहीद स्थल हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है। यहीं पर आजसू के आंदोलनकारियों ने अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र जलाए थे।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस संदर्भ में उन्होंने पेसा नियमावली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट के दबाव में सरकार ने इसे बनाने की घोषणा की, लेकिन ड्राफ्ट को अब तक सार्वजनिक न करना संशय पैदा करता है।
इस मौके पर सुदेश महतो के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर, महासचिव हरेलाल महतो, सत्यनारायण महतो, विजय सिंह मानकी, नंदू पटेल, रवि शंकर मौर्य, कन्हैया सिंह, सिद्धार्थ महतो, रामदेव हेंब्रम, कृतिवास मंडल, मंटू शुक्ल, ललित सिंह, आकाश सिन्हा, राजू कर्मकार सहित कई नेता मौजूद थे। सभी ने शहीद स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।


















