चतरा में मानवता शर्मसार: सिविल सर्जन कार्यालय के पास नाले में मिला नवजात बच्ची का शव
चतरा में मानवता शर्मसार: सिविल सर्जन कार्यालय के पास नाले में मिला नवजात बच्ची का शव
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चतरा, 06 जनवरी : झारखंड के चतरा जिले में एक बार फिर मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सिविल सर्जन कार्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित कठोतिया तालाब से सटे नाले के किनारे एक नवजात बच्ची का शव बरामद किया गया। इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है
जानकारी के अनुसार, शव की स्थिति से प्रतीत होता है कि बच्ची को जन्म के तुरंत बाद क्रूरता पूर्वक फेंक दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना स्वास्थ्य विभाग के मुख्य कार्यालय के इतने निकट हुई, जहां प्रसव और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जिम्मेदारी होती है। सवाल उठता है कि इतनी संवेदनशील जगह पर ऐसी अमानवीय घटना कैसे संभव हुई?
क्या यह अवैध प्रसव का मामला है या सामाजिक दबाव, लिंग भेदभाव और संवेदनहीनता का शिकार हुई एक मासूम जान?यह घटना न केवल जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र की निगरानी और जवाबदेही पर भी उंगली उठाती है।
सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों की पोल खोलती यह घटना समाज में बेटियों के प्रति व्याप्त कुरीतियों को उजागर करती है। जहां एक तरफ बेटियों को बचाने और शिक्षित करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नवजात बच्चियों को नालों और कूड़े में फेंकने की घटनाएं इन दावों की हकीकत बयां करती हैं।
गौरतलब है कि चतरा में ऐसी घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। पहले भी यहां नवजात शिशुओं के शव मिलने की खबरें सामने आ चुकी हैं,
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।समाज को अब सोचना होगा कि कब तक मासूम जानें इस तरह बोझ समझकर खत्म की जाती रहेंगी?

















