झारखंड पहली बार दावोस में: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वैश्विक कंपनियों को देंगे निवेश का न्योता
झारखंड पहली बार दावोस में: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वैश्विक कंपनियों को देंगे निवेश का न्योता
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डेस्क , 18 जनवरी : झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के साथ ही एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग ले रहा है। यह बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रही है। राज्य “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” (Growth in Harmony with Nature) के विजन के साथ वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कई प्रमुख ग्लोबल कंपनियों के CEOs और नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिसमें निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी।
प्रमुख कंपनियां जिनसे मुलाकात प्रस्तावित
टाटा स्टील
हिताची
श्नाइडर इलेक्ट्रिक
इंफोसिस
वेलस्पन
एबी इनबेव
ब्लूमबर्ग
टेक महिंद्रा
अल्फानार
रामकी ग्रुप
एवरस्टोन ग्रुप
इसके अलावा स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की प्रमुख व्यापार परिषदों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी संवाद होगा।
फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं: टिकाऊ उद्योग एवं हरित ऊर्जा
महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
आधुनिक बुनियादी ढांचा
डिजिटल तकनीक
जलवायु-अनुकूल औद्योगिक विकास
झारखंड अपनी भूमि, श्रम, संसाधनों और जलवायु प्रबंधन में मजबूत भूमिका को हाइलाइट करेगा, साथ ही भारत की ऊर्जा बदलाव और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला में राज्य की अहमियत पर जोर देगा।
झारखंड पेवेलियन का भव्य उद्घाटन
झारखंड पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी 2026 को होगा। यह पेवेलियन इंडिया पेवेलियन कॉम्प्लेक्स के अंदर स्थित है और राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों तथा दीर्घकालिक विकास योजनाओं को प्रदर्शित करने का मुख्य मंच बनेगा। यहां से झारखंड अपनी पारंपरिक खनन पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार सृजन की दिशा में अपनी प्रगति को वैश्विक पटल पर पेश करेगा।
विकास का मॉडल: प्रकृति और स्थिरता केंद्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट मानना है कि राज्य का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है।
दावोस में वैश्विक एवं भारतीय मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री यह संदेश देंगे कि विकास के साथ जिम्मेदारी अनिवार्य है। झारखंड खुद को एक भरोसेमंद, पारदर्शी और लंबे समय तक मूल्य देने वाला साझेदार के रूप में स्थापित कर रहा है। विजन 2050 की दिशा में यह भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी।
















