लंदन में झारखण्ड सरकार की सफल राउंड टेबल: यूके के साथ मिलकर युवाओं को विश्वस्तरीय स्किल्स और नौकरियां!
लंदन में झारखण्ड सरकार की सफल राउंड टेबल: यूके के साथ मिलकर युवाओं को विश्वस्तरीय स्किल्स और नौकरियां!

झारखण्ड सरकार ने लंदन में यूके के साथ बड़ी बैठक की। यह बैठक शिक्षा और कौशल विकास पर थी, ताकि राज्य के युवाओं को अच्छे वैश्विक मौके मिल सकें।
लंदन में झारखण्ड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार और अपर मुख्य सचिव वंदना डाडेल ने एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग की। यह मीटिंग सुबह लगभग दो घंटे तक चली।इसमें यूके के बड़े विश्वविद्यालयों, स्किल ट्रेनिंग संस्थानों और अप्रेंटिसशिप (प्रशिक्षण के साथ नौकरी) से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
मुख्य बातें:
झारखण्ड के युवाओं को दुनिया के स्तर का कौशल सिखाना और उन्हें अच्छी नौकरियां दिलाना।
पूर्वी भारत (जैसे झारखण्ड) में अब तक कम अंतरराष्ट्रीय शिक्षा आई है, इसलिए अब इसे बढ़ावा देने की जरूरत है।
झारखण्ड सरकार तीन बड़े कदम उठा रही है:
शिक्षकों के लिए राज्य स्तर पर ट्रेनिंग अकादमी बनाना।
हर छात्र को 8 हफ्ते की इंटर्नशिप (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) अनिवार्य करना।
कॉलेजों की रैंकिंग का अपना सिस्टम बनाना।
राज्य में लड़कियों की पढ़ाई अच्छी चल रही है। यूके जाने वाले छात्रों में 65% लड़कियां हैं।
फोकस इन क्षेत्रों पर:
पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, केयर सेक्टर, हरित ऊर्जा (ग्रीन स्किल्स), इलेक्ट्रिक वाहन और खनन से जुड़े नए स्किल्स।
यूके के साथ नए समझौते: संयुक्त डिग्री कोर्स, छात्र-शिक्षक एक्सचेंज, योग्यताओं को दोनों देशों में मान्य करना, हरित कौशल पर काम।
यूके के लोगों ने झारखण्ड की इस सोच की तारीफ की और आगे मिलकर काम करने की इच्छा जताई। रांची में स्मार्ट सिटी के आसपास शिक्षा से जुड़े निवेश की भी बात हुई।
जाहिर है सब कुछ ठीक रहा तो यह बैठक मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में युवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। अब आगे दोनों देशों के संस्थानों के बीच ठोस साझेदारी बनेगी।झारखण्ड के युवा अब दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ सकेंगे!


















