दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व का स्पष्ट संदेश: झारखंड में संगठन को धार दें, आक्रामक रणनीति अपनाएं
शंभू कुमार सिंह
नई दिल्ली/सिमडेगा : आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करने के मूड में है। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल की अध्यक्षता में झारखंड के कांग्रेस विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक का मुख्य संदेश था कि झारखंड में पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और आक्रामक बनाया जाए तथा भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनता के मुद्दों पर सीधी चुनौती दी जाए।
के.सी. वेणुगोपाल ने सभी विधायकों और नेताओं को सख्त निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर संघर्ष की राजनीति को और मजबूत करना होगा। झारखंड प्रदेश प्रभारी के. राजू ने बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, विपक्षी दलों की रणनीति और आगामी चुनावी परिदृश्य पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस कार्यकर्ता हर गांव, हर टोला और हर बूथ पर सक्रिय होकर जनता के सवालों को मजबूती से उठाएं।
बैठक में सिमडेगा विधायक सह जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने संगठन की मजबूती को लेकर बेबाक सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता आज भी कांग्रेस की विचारधारा पर पूरा भरोसा करती है, लेकिन इस भरोसे को संगठित ताकत में बदलने की जरूरत है। भूषण बाड़ा ने निष्क्रियता पर लगाम लगाने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने और जनसंघर्ष को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी, दलित, किसान और मजदूर वर्ग की समस्याओं—महंगाई, बेरोजगारी और अधिकारों के हनन—का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो इनकी आवाज मजबूती से उठा सकती है।
उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाने का सुझाव दिया। अन्य विधायकों—नमन विक्सल कोंगाड़ी, राजेश कच्छप, सोना राम सिंकु, सुरेश बैठा आदि—ने भी अपने क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति से अवगत कराया और बताया कि भाजपा की नीतियों से जनता में बढ़ती नाराजगी को कांग्रेस को जन आंदोलन में बदलना होगा।
बैठक में सोशल मीडिया की भूमिका, युवाओं की भागीदारी और महिला संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर आगामी चुनावों में मजबूत स्थिति हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।


















