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बजट 2026 में STT बढ़ते ही शेयर बाजार क्यों गिरा ? क्या होता है STT जानिए सरल भाषा में

बजट 2026 में STT बढ़ते ही शेयर बाजार क्यों गिरा ? क्या होता है STT जानिए सरल भाषा में

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जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट पेश कर रही थी तो बाजार में उछाल था लेकिन जैसे ही उन्होंने STT बढ़ाने की घोषणा की बाजार धड़ाम हो गया। अब इसमें सबसे ज्यादा चर्चा STT (Securities Transaction Tax) की हो रही है की आखिर है ।

STT है क्या ?
आइये जानते है ..

STT एक छोटा-सा टैक्स है जो शेयर बाजार में खरीद-बिक्री पर लगता है। जैसे शेयर, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सरकार इसे काटती है। ये टैक्स ट्रेड होते ही अपने आप कट जाता है।

बजट में STT में क्या बदलाव हुआ?

केवल F&O पर, नॉर्मल शेयर खरीद-बिक्री पर नहीं ..

फ्यूचर्स (Futures) पर STT: पहले 0.02% था, अब 0.05% हो गया (यानी 150% की बढ़ोतरी)।

ऑप्शंस (Options) के प्रीमियम पर STT: पहले 0.1% था, अब 0.15% हो गया।

ऑप्शंस एक्सरसाइज पर STT: पहले 0.125% था, अब 0.15% हो गया।

ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। यानी F&O ट्रेडिंग करने वालों की लागत बढ़ जाएगी।

बाजार कितना लुढ़का ?

बजट के तुरंत बाद बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स करीब 1,500-3,000 अंक तक गिरा और अंत में 1,547 अंक नीचे बंद हुआ।
निफ्टी करीब 500 अंक गिरकर 24,825 पर बंद हुआ।
ब्रोकरेज और एक्सचेंज कंपनियों (जैसे BSE, Angel One, MCX) के शेयर 8-15% तक गिरे।
कुल मिलाकर मार्केट कैप से 10-11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

क्यों हुआ ऐसा? सरल कारण

ट्रेडिंग महंगी हो गई – F&O में ट्रेड करने वालों (खासकर रिटेल और छोटे ट्रेडर्स) की लागत बढ़ गई।

ज्यादा ट्रेड = ज्यादा टैक्स। इससे कई लोग ट्रेडिंग कम कर सकते हैं।

सट्टेबाजी रोकने की कोशिश – सरकार का मानना है कि F&O में बहुत ज्यादा सट्टा (स्पेकुलेशन) हो रहा था। छोटे निवेशकों को नुकसान हो रहा था। STT बढ़ाकर सरकार ने इसे कंट्रोल करने की कोशिश की।
निवेशकों की उम्मीद टूटी – बाजार को उम्मीद थी कि STT कम होगा या कोई बड़ा राहत पैकेज आएगा (खासकर विदेशी निवेशकों के लिए)। लेकिन उल्टा हुआ।
तुरंत रिएक्शन – ब्रोकरेज स्टॉक्स गिरे क्योंकि ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने का डर है। इससे पूरा बाजार नीचे आ गया।

लंबे समय में क्या होगा?

कई एक्सपर्ट कहते हैं कि गिरावट सिर्फ शुरुआती रिएक्शन है। लंबे समय में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
सरकार का मकसद लॉन्ग टर्म निवेश बढ़ाना है, सट्टेबाजी कम करना।
कुछ का मानना है कि ये अच्छा कदम है क्योंकि इससे बाजार ज्यादा स्थिर बनेगा।

कुल मिलाकर बजट में F&O पर STT बढ़ा दिया गया, जिससे ट्रेडिंग महंगी हो गई। इसी वजह से बाजार में अचानक बिकवाली हुई और सूचकांक लुढ़क गए। लेकिन ये बदलाव 1 अप्रैल से लागू होंगे, तो अभी सिर्फ सेंटीमेंट का असर दिखा।

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