गोद में मासूम बच्चे, आंखों में उम्मीद… हक के लिए 16 किमी पैदल चलीं मांएं, मंत्री कार्यालय पहुंचकर किया विरोध
गोद में मासूम बच्चे, आंखों में उम्मीद… हक के लिए 16 किमी पैदल चलीं मांएं, मंत्री कार्यालय पहुंचकर किया विरोध

पश्चिमी सिंहभूम की चोया पंचायत की महिलाओं ने मंईयां सम्मान योजना में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिखाई मजबूरी और हिम्मत
चाईबासा, : धूप की तपिश, थकान और लंबे रास्ते की कठिनाई—फिर भी इन माताओं के कदम नहीं रुके। पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड अंतर्गत चोया पंचायत की दर्जनों महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लिए करीब 16 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय चाईबासा पहुंचीं। उनका एकमात्र उद्देश्य था—झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में हो रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाना और अपना हक मांगना।महिलाओं ने मंत्री एवं स्थानीय विधायक दीपक बिरूवा के कार्यालय का घेराव किया। उनका आरोप है कि पंचायत में कुछ महिलाओं को योजना का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है, जबकि कई ऐसी महिलाएं जो सभी पात्रता मानकों पूरी तरह खरी उतरती हैं, उन्हें अब तक एक भी किस्त नहीं मिली। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भारी असंतोष फैला हुआ है।
एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमारे हाथों में बच्चों का वजन है, लेकिन दिल में इंसाफ की आस। अगर यह राशि समय पर मिल जाती, तो शायद आज हमें इतनी दूर पैदल न चलनी पड़ती। यह कोई राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि मां की मजबूरी है।”
मंईयां सम्मान योजना क्या है?
झारखंड सरकार की इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है
झारखंड सरकार की इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है
राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर होती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन कई जिलों में क्रियान्वयन में देरी, फर्जी लाभार्थी, नाम कटने और अनियमितता की शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चोया पंचायत की मुखिया और महिलाओं ने पहले भी प्रखंड स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आज की यह पदयात्रा उसी निराशा का परिणाम बताई जा रही है।महिलाओं ने मंत्री से मांग की है कि:
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- योग्य सभी महिलाओं के नाम जल्द से जल्द सूची में शामिल किए जाएं।
- अनियमितताओं की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
















