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कोडरमा में बिरहोर टोला से 10 बच्चे लापता: श्राद्ध भोज के बाद गायब, पुलिस जांच में जुटी

कोडरमा में बिरहोर टोला से 10 बच्चे लापता: श्राद्ध भोज के बाद गायब, पुलिस जांच में जुटी

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कोडरमा, 07 फरवरी  – झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत खरियोडीह पंचायत के गड़ियाई बिरहोर टोला से एक साथ 10 नाबालिग बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है। यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि ये बच्चे बिरहोर समुदाय (Particularly Vulnerable Tribal Group – PVTG) से हैं, जो पहले से ही सामाजिक-आर्थिक रूप से संवेदनशील स्थिति में है।

मामले की जानकारी के अनुसार, 1 फरवरी 2026 की रात  बिरहोर टोला के ग्रामीण पास के परसाबाद गांव में एक श्राद्ध कर्म के भोज में शामिल होने गए थे। बच्चे भी परिजनों के साथ गए थे, लेकिन वापसी के दौरान वे साथ नहीं लौटे। परिजनों ने अगले दिन स्थानीय मुखिया राजेंद्र यादव को सूचना दी।

मुखिया ने तुरंत जयनगर थाना को जानकारी दी, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मुखिया को ही बच्चों की खोजबीन करने की सलाह दी। जब कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला, तो मुखिया ने बीडीओ गौतम कुमार को सूचित किया, जिसके बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया।

अब प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम (तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार और चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार सहित) गांव पहुंची है। टीम ने पीड़ित परिवारों से विस्तृत पूछताछ की और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान शुरू किया है।डीएसपी दिवाकर कुमार ने बताया कि बच्चों की उम्र 5 से 8 वर्ष के बीच है। वे आमतौर पर परसाबाद से ट्रेन पकड़कर यदुडीह हॉल्ट उतरते हैं।

संदेह है कि बच्चों ने गलत दिशा की ट्रेन पकड़ ली हो और धनबाद या अन्य दिशा में चले गए हों। इस संबंध में परसाबाद और आसपास के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए जा रहे हैं।

लापता बच्चों के नाम ):

निशा कुमारी (7 वर्ष)
रमेश बिरहोर (5 वर्ष)
सजनी बिरहोर (8 वर्ष)
बिरजू बिरहोर
मिथुन बिरहोर
शिवानी बिरहोर
कल्पना बिरहोर
रेखा बिरहोर (8 वर्ष)
अनीशा बिरहोर (6 वर्ष)
एक अन्य बच्चा

घटना के छह-सात दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। परिजन रो-रोकर बुरा हाल हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस अभी जांच के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है।प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

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