साहिबगंज सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए उपायुक्त की बैठक, डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण रोक, रोस्टर का सख्त अनुपालन अनिवार्य
साहिबगंज जिले में आमजन को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त हेमंत सती ने सदर अस्पताल के सभागार में सभी चिकित्सकों एवं पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य फोकस अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, समन्वय बढ़ाना और मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करना था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उपायुक्त ने बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए, जिनमें ओपीडी एवं आईपीडी रोस्टर का कड़ाई से पालन, आपातकालीन एवं प्रसव कक्ष में हैंडओवर/टेकओवर की अनिवार्यता, इमरजेंसी चिकित्सकों द्वारा सुबह-शाम नियमित राउंड, तथा ड्यूटी अवधि में निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रोस्टर के समय किसी भी चिकित्सक को निजी क्लिनिक या प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में दिए गए अन्य प्रमुख निर्देश निम्नलिखित हैं:
– प्रसव एवं आपातकालीन मरीजों के रेफरल का विस्तृत विवरण अनिवार्य रूप से अंकित करना।
– सभी सर्जिकल मरीजों का संबंधित सर्जन द्वारा नियमित फॉलोअप।
– सभी चिकित्सकों द्वारा बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करना।
– ओपीडी में दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में स्पष्ट लिखना एवं रजिस्टर के सभी कॉलम भरना।
– मेडिको-लीगल मामलों का समयबद्ध निष्पादन, ऑन-ड्यूटी इमरजेंसी चिकित्सक द्वारा विशेषज्ञों को सूचित करना एवं फॉलोअप।
– अवकाश आवेदन में प्रयोजन एवं प्रकार स्पष्ट उल्लेख, तथा सहमति देने वाले चिकित्सकों द्वारा अतिरिक्त दायित्व निर्वहन।
– ड्रेस कोड एवं परिचय पत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थिति।
– मासिक प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराना।
– मृत मरीजों के परिजनों के लिए मोक्ष वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
उपायुक्त ने इन सभी निर्देशों के सतत अनुपालन के लिए सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान की अध्यक्षता में एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया। यह टास्क फोर्स नियमित निगरानी करेगी और किसी भी अनियमितता पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, अस्पताल प्रबंधक दिवेश कुमार सहित सदर अस्पताल के सभी चिकित्सक उपस्थित रहे।
उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि सदर अस्पताल जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है और यहां की व्यवस्था में सुधार से पूरे जिले के लोगों को लाभ मिलेगा। सभी पदाधिकारी एवं चिकित्सक मिलकर जिम्मेदारी से कार्य करें, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके।

















