भुवनेश्वर में 35 घंटे का ‘डिजिटल अरेस्ट’ हॉरर: साइबर ठगों ने रिटायर्ड PSU अधिकारी दंपत्ति को बंधक बनाया, मांगे 1 करोड़ रुपये
भुवनेश्वर : ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के नयापल्ली इलाके में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को 35 घंटे से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल के जरिए घर में ही बंधक बनाए रखा और 1 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की।
पीड़ित दंपत्ति की पहचान सरोज कुमार पटनायक (रिटायर्ड PSU अधिकारी, पूर्व NALCO कर्मचारी) और उनकी पत्नी निर्झरनी पटनायक (रिटायर्ड लेक्चरर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को CBI/ED/पुलिस अधिकारी बताकर संपर्क किया और दावा किया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया है।
ठगों ने शुरुआत में फोन कॉल से डराया-धमकाया। फिर वीडियो कॉल पर जोड़ा और लगातार स्क्रीन पर निगरानी रखी। घर छोड़ने, किसी से बात करने या पुलिस को सूचित करने पर सख्त मनाही थी। जिसके बाद “आतंकी लिंक” का झूठा केस दिखाकर मानसिक दबाव बनाया और रिहाई के बदले 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने को कहा।
दंपत्ति ने पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन जिस बैंक खाते में पैसे भेजने थे, वह काम नहीं कर रहा था। इसी वजह से कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। लगभग 35 घंटे बाद जब ठगों का खाता नहीं चला, तो उन्होंने दंपत्ति को छोड़ दिया।
बाद में दंपत्ति ने साइबर क्राइम और इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर ठगों के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में जुटी है।


















