CBI Operation Chakra, Digital Arrest Scam,

डिजिटल अरेस्ट का जाल तोड़ने CBI की बड़ी कार्रवाई: 16 राज्यों में 200 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी

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डिजिटल अरेस्ट स्कैम के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई। 16 राज्यों में 200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी। जानें कैसे ठग आपको बना रहे हैं शिकार और कैसे बचें।

CBI Operation Chakra, Digital Arrest Scam,

डेस्क : देशभर में बढ़ते ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) स्कैम के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। साइबर अपराधियों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए सीबीआई ने 16 राज्यों में एक साथ 200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। यह ऑपरेशन उन गैंग्स के खिलाफ है, जो सरकारी एजेंसियों का डर दिखाकर आम लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहे थे।

क्या है ‘ऑपरेशन चक्र’?

सीबीआई ने इस पूरे अभियान को ऑपरेशन चक्र’ का नाम दिया है। इस कार्रवाई के लिए 60 विशेष टीमों का गठन किया गया था। पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

कैसे काम करते थे साइबर ठग?

जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाता था:

फर्जी पहचान: ठग खुद को सीबीआई, ईडी (ED), या पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते थे।

गिरफ्तारी का डर: पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग या किसी गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी जाती थी।

डिजिटल बंधक: पीड़ितों को घंटों तक वीडियो कॉल पर रखा जाता था और कहा जाता था कि वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ हैं।

अवैध वसूली: डर और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित अपनी मेहनत की कमाई ठगों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है नेटवर्क

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि इस साइबर ठगी का जाल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इन ठगों ने कई विदेशी नागरिकों को भी अपना निशाना बनाया है। हाल ही में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट का भी भंडाफोड़ किया था, जिसका इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था।

दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई ने इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन पर शेल कंपनियां बनाने और फर्जी बैंक खाते खुलवाने का आरोप है। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम को खपाने और अपनी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। सीबीआई अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंडों की तलाश में जुटी है।

आम जनता के लिए सीबीआई की सलाह:

कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को गिरफ्तार नहीं करती।
यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें।

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