सिमडेगा पुलिस के ‘ऑपरेशन सेतु’ का कमाल: 6 महीने में 63 लापता लोगों को परिवार से मिलाया

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Simdega Police's 'Operation Setu'

नरेश शर्मा / सिमडेगा

सिमडेगा: सिमडेगा पुलिस ने मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए अपने विशेष अभियान ऑपरेशन सेतु के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पिछले 6 महीनों के भीतर पुलिस ने राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से 63 लापता लोगों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है।

देशभर में चला सघन अभियान

पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में इस अभियान को अंजाम दिया। तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और मैनुअल इंटेलिजेंस के तालमेल से पुलिस टीम ने झारखंड की सीमाओं को पार कर सुदूर क्षेत्रों में दबिश दी। बरामद किए गए लोग दिल्ली, गोवा, विशाखापत्तनम, बाड़मेर (राजस्थान), छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में पाए गए।

पुनर्वास और सरकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान

ऑपरेशन सेतु की खासियत केवल लोगों को ढूंढना ही नहीं, बल्कि उनका भविष्य सुरक्षित करना भी है। पुलिस प्रशासन इसके लिए  डीएलएसए (DLSA) और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। बरामद लोगों को न केवल उनके परिवार से मिलाया जा रहा है, बल्कि उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

एसपी ने इस उपलब्धि के लिए पूरी पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिमडेगा पुलिस आम जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“मानव तस्करी को रोकने और लापता लोगों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिए ‘ऑपरेशन सेतु’ अनवरत जारी रहेगा।”

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को आगाह और जागरूक करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने पर देरी न करें। तुरंत अपने नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान बचाई जा सके।

जाहिर है की सिमडेगा पुलिस का यह कदम राज्य में सुरक्षा और मानवीय सेवा के प्रति पुलिसिंग के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। यह उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने अपने अपनों को खोने का दर्द सहा था।

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