RIMS Director Dr. Rajkumar resigns amidst allegations of irregularities.

झारखंड: रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार ने अनियमिताओं के आरोप के बीच दिया इस्तीफा

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RIMS Director Dr. Rajkumar resigns amidst allegations of irregularities.

 

रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान’ (रिम्स) में बुधवार को सीआईडी की छापेमारी के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। छापेमारी के तुरंत बाद रिम्स निदेशक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीआईडी की इस कार्रवाई ने रिम्स प्रशासन और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध को सार्वजनिक कर दिया है।

छापेमारी और जब्त दस्तावेज

बुधवार को सीआईडी की दो टीमों ने रिम्स के डेटा सेंटर, डीन ऑफिस और प्रशासनिक विभाग में एक साथ दबिश दी। देर शाम तक चली इस कार्रवाई में सीआईडी ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, फाइलें और दस्तावेज जब्त किए हैं। सीआईडी ने रिम्स के निदेशक, डीन और चिकित्सा अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से घंटों पूछताछ भी की।

जांच के दायरे में ये दो बड़े मामले

सीआईडी मुख्य रूप से दो बड़े मामलों की जांच कर रही है:

1. फर्जी सर्टिफिकेट पर एमबीबीएस एडमिशन: वर्ष 2025 के शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन लेने वाले चार छात्रों के जाति और विकलांगता प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत मिली है। आरोप है कि बिना प्रमाण पत्रों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के ही इन छात्रों को दाखिला दे दिया गया और वे प्रथम वर्ष की पढ़ाई भी कर रहे हैं।

संदिग्ध छात्र: काजल कुमारी, आशीष कुमार, ओली विश्वकर्मा (जाति प्रमाण पत्र) और पप्पू कुमार (विकलांगता प्रमाण पत्र)।

2.सफाई टेंडर में धांधली: अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए निकाले गए टेंडर में नियमों को ताक पर रखकर चहेती कंपनियों को ठेका देने का गंभीर आरोप है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

नियम के अनुसार, किसी भी संस्थान में एडमिशन के बाद एक निश्चित समय-सीमा के भीतर जारीकर्ता प्राधिकारी (जैसे जिला प्रशासन) से मूल दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है। रिम्स प्रबंधन द्वारा एक साल बाद भी सत्यापन न कराना बड़ी प्रशासनिक चूक और मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

सूत्रों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो सीआईडी थाना में एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में हड़कंप की स्थिति है और अब जांच की आंच कई अन्य बड़े अधिकारियों तक पहुंचने की संभावना है।

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