धनबाद अब साइबर क्राइम सेफ जोन! पिछले 45 दिनों में 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां, 2 करोड़ से ज्यादा का फ्रॉड मनी ट्रेस…..
धनबाद अब साइबर क्राइम सेफ जोन!पिछले 45 दिनों में 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां, 2 करोड़ से ज्यादा का फ्रॉड मनी ट्रेस…..

क्रॉस स्टेट ऑपरेशन चला बिहार, यूपी, झारखण्ड STF ने अन्य राज्य के छिपे की साइबर अपराधियों को धनबाद से किया गिरफ्तार……
कोयला नगरी धनबाद साइबर क्राइम का नया हॉटस्पॉट बन चुकी है!अन्य राज्यों के साइबर अपराधी देश के कोयला राजधानी को अपना ठिकाना बना चुके हैँ। धनबाद पुलिस के साथ-साथ बिहार,और यूपी की साइबर विंग ने जिले के विभिन्न होटलों में छिपे अपराधियों पर धावा बोल एक महीने में 50 से भी ज्यादा गिरफ्तारियां की और करोड़ों का फ्रॉड बेनकाब किया।
धनबाद के सरायढेला, बैंक मोड़, गोविंदपुर समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों के होटलों को साइबर क्रिमिनल्स ने अपना सुरक्षित अड्डा बना लिया था। खुफिया इनपुट पर धनबाद पुलिस ने एक महीने में 50 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये गिरोह UPI फ्रॉड, फिशिंग, ऑनलाइन जुआ और डार्क वेब स्कैम चला रहे थे।
धनबाद SSP प्रभात कुमार ने साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ़ अपनी तेज़ तरार ऑफिसर की एक फौज लगा रखी है जिसका नतीजा है की क्रॉस स्टेट ऑपरेशन से साइबर क्राइम पर शिकंजा कसा जा रहा है और धनबाद को ‘साइबर क्राइम हब’ बनाने की साजिश नाकाम साबित हो रही है। अब तक पिछले 45 दिनों में कई सनसनीखेज खुलासा हुआ!
बिहार की साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप में 10 नवंबर को गोविंदपुर होटल में छापा मारा, जहां 8 बिहारी अपराधी फोन से ठगी कर रहे थे उन्हें धर दबोचा गया। यूपी की साइबर टीम ने धनबाद पुलिस के साथ 20 नवंबर को सरायढेला में 12 संदिग्धों को पकड़ा। झारखंड STF ने बैंक मोड़ में 15 दिसंबर को बड़ा रेड किया। कुल 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां, 2 करोड़ से ज्यादा का फ्रॉड मनी ट्रेस किया गया।पुलिस ने पकड़े गए साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 100 से ज्यादा फर्जी SIM, 30 लैपटॉप और डार्क वेब सॉफ्टवेयर बरामद किए।
अब धनबाद पुलिस छोटे छोटे होटलों और रेस्ट हॉउस के प्रबंधको पर भी अपनी चौकस निगाह रखी हुई है और होटल मालिकों को सख्त निर्देश भी दिया है संदिग्धों की जानकारी दें वरना एक्शन लिया जाएगा।
क्रॉस स्टेट ऑपरेशन के कारण ही अब तक 5 दर्ज़न से ज्यादा अपराधी सलाखों के पीछे हैं इनमे से कुछ को छोड़ सभी आरोपी अन्य राज्यों के हैँ , इनमे से कई आरोपी APK फाइलों के जरिए लोगों के फोन हैक कर बैंक खातों से पैसे लूट लिया करते थे,गिरोह व्हाट्सएप या कॉल के जरिए पीड़ितों को APK फाइल डाउनलोड करवाता था, जो फोन हैक कर बैंक खाते तक पहुंच देता था। ये व्हाट्सएप अकाउंट हैकिंग में भी माहिर थे। यह ऑपरेशन उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र से जुड़ा था।
















