Ranchi Crime News :रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘कटप्पा’ और ‘RDX’ गिरफ्तार, राजधानी में रंगदारी की बड़ी साजिश नाकाम
Ranchi Crime News :रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘कटप्पा’ और ‘RDX’ गिरफ्तार, राजधानी में रंगदारी की बड़ी साजिश नाकाम
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Ranchi Crime News : रांची में दहशत फैलाने और व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया है। रांची एसएसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान ‘राहुल सिंह गिरोह’ के तीन कुख्यात सदस्यों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए अपराधियों में अजय कुमार परवता उर्फ ‘कटप्पा’ और रियाज सिंह उर्फ ‘RDX’ जैसे नाम शामिल हैं, जो इलाके में अपने कोडनेम से खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे थे।
कैसे बुना गया गिरफ्तारी का जाल?
रांची के सीनियर एसपी (SSP) राकेश रंजन को पुख्ता जानकारी मिली थी कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय एक आपराधिक गिरोह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है। गिरोह का मुख्य लक्ष्य स्थानीय व्यापारियों के बीच डर पैदा कर उनसे मोटी रकम वसूलना था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा ने किया। पुलिस टीम ने हवाई अड्डे के समीप संदिग्ध ठिकानों पर त्वरित छापेमारी की और घेराबंदी कर तीनों अपराधियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अपराधी और बरामदगी
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों अपराधी राहुल सिंह गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं:
* पंकज कुमार (निवासी: धुर्वा, रांची)
* रियाज सिंह उर्फ RDX
* अजय कुमार परवता उर्फ कटप्पा
छापेमारी के दौरान बरामद सामान:
* 01 देशी पिस्टल (Semi-automatic)
* 02 मैगजीन
* 15 जिंदा कारतूस
* 04 मोबाइल फोन (व्हाट्सएप चैट्स और रेकी के लिए इस्तेमाल)
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे अपने सरगना राहुल सिंह के सीधे निर्देश पर काम कर रहे थे। गिरोह ने रांची के कई रसूखदार व्यवसायियों की लिस्ट तैयार कर रखी थी।
गिरोह का ‘वर्किंग मॉडल’:
* रेकी और डेटा: गिरोह का एक हिस्सा व्यापारियों की दैनिक गतिविधियों और उनकी संपत्ति की जानकारी जुटाता था।
* डिजिटल धमकी: पकड़े गए मोबाइल फोनों से पता चला है कि ये अपराधी सीधे फोन करने के बजाय व्हाट्सएप मैसेज और कॉल का उपयोग करते थे ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।
* लॉजिस्टिक सपोर्ट: गिरोह का काम नए लड़कों को भर्ती करना और उन्हें हथियार उपलब्ध कराना भी था।
पुलिस की चेतावनी और अगली कार्रवाई
हटिया डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह के कुछ और सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस अब इन अपराधियों के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्होंने अब तक किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके बैंक ट्रांजेक्शन कहाँ-कहाँ हुए हैं।
> एसएसपी का संदेश: “रांची पुलिस अपराधियों और रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। किसी भी व्यवसायी को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है।”

















