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रांची में 12 घंटों में दो एनकाउंटर: TPC के नाम पर रंगदारी वसूलने वाले कुख्यात अपराधी प्रभात राम घायल, साथी गिरफ्तार

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रांची में 12 घंटों में दो एनकाउंटर: TPC के नाम पर रंगदारी वसूलने वाले कुख्यात अपराधी प्रभात राम घायल, साथी गिरफ्तार


रांची, 13 अक्टूबर (स्पेशल रिपोर्ट): झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। सोमवार को मात्र 12 घंटों के अंतराल में रांची पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा। पहली घटना तुपुदाना थाना क्षेत्र में सुबह तड़के हुई, जबकि दूसरी मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में दोपहर करीब 2 बजे हुई । इन कार्रवाइयों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TPC) से जुड़े अपराधी प्रभात राम गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथी संजय राम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से एक कार्बाइन, एक पिस्टल और एक बाइक बरामद की है।रांची के एसएसपी राकेश रंजन के सख्त निर्देश पर चल रही विशेष अभियान की यह सफलता स्थानीय कारोबारियों और ग्रामीणों में राहत लेकर आई है, जहां TPC के नाम पर रंगदारी की धमकियां आम हो चुकी थीं। रांची ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया, “ये अपराधी संगठित गिरोह का हिस्सा थे, जो ईंट भट्ठों और कोयला कारोबारियों को लूटने की योजना बना रहे थे। हमारी गुप्त सूचनाओं ने समय पर कार्रवाई संभव बनाई।” घायल प्रभात राम को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पूरे इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्य भाग न सकें।

घटनाक्रम: कैसे हुई मुठभेड़?

जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 5 बजे तुपुदाना थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े तीन अपराधी हथियारों से लैस होकर इलाके में घूम रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम ने घेराबंदी की। अपराधियों ने भागने की कोशिश में फायरिंग शुरू कर दी, जिसका पुलिस ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलीबारी में एक अपराधी आफताब को पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद हथियारों में एक देसी कट्टा और कुछ कारतूस शामिल थे। घायल आफताब को राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में उपचार के लिए भेज दिया गया।मात्र 9 घंटे बाद, दोपहर करीब 2 बजे मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में दूसरी मुठभेड़ हुई। पुलिस को इनपुट मिला था कि प्रभात राम और उसके गिरोह के सदस्य TPC के नाम पर रंगदारी वसूलने निकले हैं। टीम ने संदिग्ध बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन अपराधियों ने पुलिस की जीप पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में प्रभात राम को कमर में गोली लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। उसके साथी संजय राम ने आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी प्रवीण पुष्कर ने प्रेस को कहा की “प्रभात राम कुख्यात अपराधी है, जिस पर कई रंगदारी और लूट के मामले दर्ज हैं। TPC से जुड़ाव के कारण यह गिरोह क्षेत्र में दहशत फैला रहा था।”मुठभेड़ स्थल से बरामद कार्बाइन और पिस्टल अवैध हथियार साबित हो रहे हैं, जो गिरोह की संगठित प्रकृति को उजागर करते हैं। पुलिस अब पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों के स्रोत और TPC के नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर जुटी है।

TPC का बढ़ता खतरा:

झारखंड में नया सिर दर्दतृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TPC) झारखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में सक्रिय एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है, जो पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के पूर्व सदस्यों से मिलकर बना। यह संगठन मुख्य रूप से रांची, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जिलों में रंगदारी, अपहरण और लूट जैसे अपराधों में लिप्त है। विशेषज्ञों के अनुसार, TPC आदिवासी युवाओं को भटकाकर अपनी फौज बढ़ा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। ईंट भट्ठा मालिकों और कोयला व्यापारियों को निशाना बनाना इस संगठन की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।पिछले एक साल में रांची ग्रामीण में TPC से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 8 हत्याएं और 20 से ज्यादा रंगदारी की घटनाएं शामिल हैं। राज्य सरकार ने TPC को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनौतियां बरकरार हैं।

अपराधियों का बैकग्राउंड:

प्रभात राम का अपराधिक इतिहासप्रभात राम (उम्र 32 वर्ष), रांची के निकटवर्ती गांव का निवासी, पिछले 5 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके खिलाफ रांची, रामगढ़ और खूंटी में 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट और रंगदारी के आरोप शामिल हैं। 2023 में TPC से जुड़ने के बाद उसका गिरोह और सक्रिय हो गया। सूत्रों के अनुसार, प्रभात राम ने हाल ही में 5 ईंट भट्ठा मालिकों को धमकी दी थी, जिसकी सूचना पर पुलिस हरकत में आई। उसके साथी संजय राम (उम्र 28 वर्ष) भी TPC का कथित सदस्य है, जो हथियारों की आपूर्ति का जिम्मेदार माना जा रहा है।पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह TPC के स्थानीय कमांडर के इशारे पर काम कर रहा था। प्रभात के मोबाइल से मिले मैसेज TPC नेतृत्व से जुड़े होने की पुष्टि कर रहे हैं। पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है।

रांची पुलिस ने पिछले तीन महीनों में 25 से अधिक एनकाउंटर किए हैं, जिनमें 40 अपराधी या तो मारे गए या गिरफ्तार हुए। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा, “हमारी प्राथमिकता अपराधमुक्त रांची बनाना है। गुप्त सूचनाओं का नेटवर्क मजबूत किया गया है, और स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है।” इसके अलावा, ग्रामीण थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, और युवाओं के लिए रोजगार-आधारित जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि वे उग्रवाद की ओर न भटकें।राज्य के गृह विभाग ने भी TPC के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स गठित करने का ऐलान किया है।

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