प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल की संसद नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन, ‘शालोम-नमस्ते’ से शुरू किया भाषण
यरुशलम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नेसेट में दिया गया पहला भाषण है। पीएम मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इजरायल पहुंचे थे और भाषण से कुछ घंटे पहले ही वहां पहुंचे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपने संबोधन की शुरुआत पीएम मोदी ने हिंदी और हिब्रू में “शालोम! नमस्ते!” कहकर की, जिससे सदन में जोरदार तालियां और ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंजे। उन्होंने इजरायल के साथ भारत के गहरे रिश्तों को दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच का मजबूत बंधन बताया और लोकतंत्र, स्वतंत्रता तथा नवाचार पर आधारित साझेदारी पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए “बर्बर आतंकवादी हमले” की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “हम आपके दर्द को महसूस करते हैं, हम आपके शोक में शामिल हैं। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता।” भारत इजरायल के साथ इस मुश्किल समय में “पूर्ण विश्वास के साथ मजबूती से खड़ा है”, यह बात उन्होंने दोहराई।
इस दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को “दोस्त से बढ़कर भाई” करार दिया। नेसेट स्पीकर ने पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया, जो नेसेट का सर्वोच्च संसदीय सम्मान है। पीएम मोदी ने इसे भारत-इजरायल मित्रता के लिए सम्मान बताया।
यह दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देश रक्षा, तकनीक, कृषि, आतंकवाद विरोधी सहयोग और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। पीएम मोदी का यह संबोधन वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और इजरायल के साथ मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है।

















