बोकारो ट्रेजरी से अवैध निकासी पर बीजेपी हमलावर, CBI जांच की मांग
झारखंड में बोकारो ट्रेजरी से हुई अवैध निकासी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने इस मामले की न्यायिक जांच या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रेस वार्ता में अजय शाह ने कहा कि बोकारो, हजारीबाग, गढ़वा और साहिबगंज में ट्रेजरी से फर्जी निकासी के मामलों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अकाउंटेंट द्वारा तीन वर्षों में 63 बार करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की अवैध निकासी यह संकेत देती है कि इस घोटाले में कई बड़े चेहरे भी शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बोकारो के अकाउंटेंट कौशल पांडे ने इस पूरे मामले में “फंड मैनेजर” की भूमिका निभाई। साथ ही, उन्होंने जिले के पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में उनकी जिम्मेदारी की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि वे ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) की भूमिका में होते हैं।
बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी निकासी के दौरान रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के डाटा के साथ छेड़छाड़ की गई है। इस आधार पर JAP-IT (जैप-आईटी) की भूमिका की भी जांच की मांग की गई।
प्रवक्ता ने कहा कि इतने बड़े घोटाले का खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में हुआ है। उन्होंने मांग की कि झारखंड के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (PAG) को जल जीवन मिशन और DMFT फंड से जुड़ी फाइलें भी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि इन योजनाओं में संभावित अनियमितताओं की भी निष्पक्ष जांच हो सके। बीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो पार्टी इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाएगी।
















