राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह बने रहेंगे, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनोनित सदस्य के रूप में किया नियुक्त
नई दिल्ली : राज्यसभा के उपसभापति और वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा में बने रहेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें मनोनित सदस्य के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। उनका निर्वाचित कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था।
जनता दल (यूनाइटेड) ने इस बार हरिवंश सिंह को बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया था। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर अटकलें लग रही थीं। राष्ट्रपति के मनोनयन के माध्यम से उनका राज्यसभा में बने रहना अब तय हो गया है।
हरिवंश सिंह का राजनीतिक सफर
हरिवंश नारायण सिंह एक अनुभवी पत्रकार और राजनेता हैं। उन्होंने 2014 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ा था। 2018 में उन्हें राज्यसभा के उपसभापति पद पर निर्वाचित किया गया और 2020 में उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदन में उनकी निष्पक्षता और कुशल संचालन की हर तरफ सराहना की जाती रही। उनके कार्यकाल के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रही और उन्होंने कई महत्वपूर्ण बहसों का संचालन किया।
राष्ट्रपति का आदेश
राष्ट्रपति भवन से जारी अधिसूचना के अनुसार, हरिवंश नारायण सिंह को छह वर्ष के कार्यकाल के लिए राज्यसभा का मनोनित सदस्य बनाया गया है। मनोनित सदस्य आमतौर पर कला, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को चुना जाता है। हरिवंश सिंह के पत्रकारिता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति उचित मानी जा रही है। यह फैसला NDA गठबंधन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे अनुभवी और निष्पक्ष नेता सदन में बने रह सकें।


















