JAC 10th Result Fake Link: झारखंड में 10वीं के रिजल्ट को लेकर मचा हड़कंप, फर्जी लिंक ने बढ़ाई छात्रों की धड़कनें
JAC 10th Result Fake Link: झारखंड में 10वीं के रिजल्ट को लेकर मचा हड़कंप, फर्जी लिंक ने बढ़ाई छात्रों की धड़कनें

रांची/लोहरदगा: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की मैट्रिक परीक्षा के परिणामों को लेकर शनिवार सुबह पूरे राज्य में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सोशल मीडिया पर एक फर्जी लिंक तेजी से वायरल होने लगा। खबर है की लोहरदगा समेत कई जिलों में विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच यह भ्रम फैल गया कि रिजल्ट घोषित हो चुका है।
सोशल मीडिया पर फैला ‘फेक’ लिंक
शनिवार सुबह व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लिंक सर्कुलेट हुआ, जिसमें दावा किया गया कि JAC ने मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर दिया है। लिंक पर क्लिक करने के बाद विद्यार्थियों से रोल कोड और रोल नंबर मांगा जा रहा था। हैरान करने वाली बात यह रही कि जानकारी दर्ज करने पर स्क्रीन पर बाकायदा ‘रिजल्ट’ दिखाई भी देने लगा।
स्कूलों ने बना दी टॉपर्स की लिस्ट, फिर हुआ खुलासा
उत्साह का माहौल इतना बढ़ गया कि लोहरदगा के कई स्कूलों में विद्यार्थियों ने अपने रिजल्ट डाउनलोड कर लिए और कुछ जगहों पर तो आनन-फानन में टॉपर्स की सूची तक साझा कर दी गई। हालांकि, जब आधिकारिक पुष्टि की कोशिश की गई, तो पता चला कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई थी।
अचानक वेबसाइट हुई ‘क्रैश’, बढ़ा संदेह
जैसे ही भारी संख्या में लोग उस लिंक पर क्लिक करने लगे, वेबसाइट में तकनीकी खराबी (Error) आने लगी। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिजल्ट अभी जारी नहीं हुआ है और वायरल हो रहा लिंक पूरी तरह फर्जी है।
साइबर विशेषज्ञों की चेतावनी:
“यह साइबर ठगी का एक नया तरीका हो सकता है। ऐसे फर्जी लिंक के जरिए विद्यार्थियों का व्यक्तिगत डेटा (जैसे रोल नंबर, मोबाइल नंबर) चोरी किया जा सकता है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में ठगी के लिए होने की आशंका है।”
विद्यार्थी क्या करें?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने अपील की है कि छात्र किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न दें। आधिकारिक परिणाम केवल परिषद की अधिकृत वेबसाइटों पर ही जारी किए जाएंगे:
1. jac.jharkhand.gov.in
2. jacresults.com
डिजिटल युग में सूचनाओं की बाढ़ के बीच ‘सत्यता’ की जांच करना बेहद जरूरी है। बिना आधिकारिक सूचना के किसी भी लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन अब इस फर्जी लिंक के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गया है।

















