“20 लाख का लक्ष्य, 20 हजार भी नहीं—अबुआ आवास पर घोटाले का आरोप, सरकार घिरी”
रांची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना पर गंभीर सवाल उठाते हुए हजारों करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई है। मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अब पूरी तरह फेल होती नजर आ रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रतुल शाह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने छह साल पहले 2027 तक 20 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा था और तीन कमरों वाले घर का वादा किया था, लेकिन 2026 तक आते-आते इस योजना की “कलई खुल चुकी है”। उनके अनुसार, अब तक लक्ष्य के मुकाबले केवल 19,650 आवास ही पूरे हो पाए हैं, जबकि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “20 लाख का खेल, सिर्फ 20 हजार में फेल हो गया है।”
प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि सरकार को दिसंबर 2027 तक लक्ष्य हासिल करना है, तो अब प्रतिदिन लगभग 2700 घर बनाने होंगे। यानी हर महीने करीब 80,000 आवास तैयार करने की जरूरत होगी, जो वर्तमान गति को देखते हुए बेहद मुश्किल दिखाई देता है। प्रधानमंत्री आवास योजना से तुलना उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में 4.3 करोड़ आवास पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 75% घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं। इससे महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।
प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि इसके उलट झारखंड में अबुआ आवास योजना के तहत गरीबों और महिलाओं के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 4100 करोड़ रुपये का आवंटन होने के बावजूद लाभार्थियों तक पैसे नहीं पहुंच रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है और राज्य सरकार को इसकी उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के भाषणों में बार-बार इस योजना का जिक्र होता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर योजना “ठप” हो चुकी है। प्रेस वार्ता में प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी मौजूद रहे।

















